अचला सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने धूम-धाम से की भगवान भास्कर की पूजा अर्चना

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: पूरे प्रदेश के साथ-साथ जमुई जिले के पतनेश्वर धाम स्थित श्रीसूर्य भगवान मंदिर में श्रद्धालुओं ने माघ शुक्ल सप्तमी मंगलवार को भगवान भास्कर की जयंती सूर्य सप्तमी बड़े ही धूमधाम से मनाई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर का हवन कर उन्हें आहुति दी। बता दें कि मंगलवार को बहुत दिनों बाद अचला सप्तमी का यह संयोग पड़ा है, अचला सप्तमी के मौके पर श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान आदि नित्य क्रिया कर भगवान भास्कर की आराधना और पूजा अर्चना की। धर्मशास्त्रों की माने तो माघ सप्तमी के दिन ही भगवान सूर्य का आर्विभाव हुआ था, इसी दिन यानी माघ सप्तमी को सूर्य की जयंती के साथ-साथ अचला सप्तमी के रूप में भी भगवान सूर्य के उपासक मनाते हैं। जानकारों की माने तो इसे भानू सप्तमी, अचला सप्तमी और पुत्र सप्तमी भी कहा जाता है। भविष्य पुराण में इसे पूरे वर्ष का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। श्रद्धालु संतान सुख की प्राप्ति और निरोग रहने के लिए भी भगवान भास्कर की आराधना और पूजा अर्चना इस दिन किया करते हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने पहले भगवान भास्कर की पूजा के बाद हवन किया और फिर प्रसाद ग्रहण कर दिनकर दिनानाथ से आशीर्वाद लिया। पंडित के रूप में दुर्गा दत्त आचार्य ने विधिवत डॉक्टर रंजीत कुमार मिश्र को पूजा कराई, वहीं, इस मौके पर मलयपुर के रहने वाले अनील मिश्र, योगेश चन्द्र निश्र, श्याम देव मिश्र, विपिन कुमार मिश्र, कृष्ण मोहन मिश्र, चन्द्रशेखर आचार्य, शशिधर मिश्र, अजय सिंह, भोला सिंह, यदुनंदन प्रसाद विश्वकर्मा और विष्णुकांत मिश्र सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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