अनलॉक फोर बाद नेचर सफारी-रोपवे छोड़ सभी पार्क खुले

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-इंटरनेशनल टूरिस्ट सेंटर राजगीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं बनाई और धरातल पर उतारी जा रही है।इसका असर सरजमीन पर दिखने लगा है।झुंड के झुंड पर्यटकों का दल यहां पहुंचने लगा है।हाल के दिनों में यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुई है। इससे पर्यटन और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को राजस्व में वृद्धि हुई है।लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना ने पर्यटकों की उम्मीदों और हौसलों पर विराम लगा दिया।महामारी पर नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया।

लॉकडाउन लगते ही पर्यटन, धार्मिक और पुरातात्विक स्थलों सहित सभी सार्वजनिक को बन्द कर दिया गया था।लॉकडाउन लगते ही पर्यटन उद्योग हासिये पर चला गया।अब पर्यटन उद्योग की रक्षा करना उद्यमियों और सरकार के लिए चुनौती बन गया है।अनलॉक फोर बाद राजगीर के पार्कों और पुरातात्विक धरोहरों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।इतना ही नहीं वाटर पार्क का द्वार भी मौज मस्ती करने वालों के लिए खुला है।

लेकिन नेचर सफारी और रोपवे पर अभी भी प्रतिबंध बरकरार है।यहाँ के वेणुवन पार्क, पांडू पोखर पार्क, जयप्रकाश उद्यान, घोड़ाकटोरा झील, घोड़ाकटोरा इको पार्क सहित सभी पुरातात्विक धरोहरों का दर्शन कर पर्यटक आह्लादित हो रहे हैं।सभी पार्कों और धरोहरों के खुल जाने के बाद नेचर सफारी और रोपवे को बंद रखना तर्कसंगत नहीं लगता है।पर्यटन के लिए राजगीर आने वाले सैलानियों की पहली पसंद नेचर सफारी और केविन रोपवे है।पहली पसंद का कारण नेचर सफारी में स्काई ग्लास ब्रिज है।

पहाड़ियों के बीच बना नेचर सफारी का प्राकृतिक सुंदरता अद्भुत है।ग्लास ब्रिज पर स्काईवॉक करना रोमांच और रोमांस से भरा होता है।यहाँ आने वाले हर सैलानी कम से कम एक बार उसका आनन्द उठाने से चूकना नहीं चाहते हैं।इसके सैर के लिए केबल बिहार नहीं, बल्कि देश – दुनिया के सैलानी बड़ी संख्या में आने लगे हैं।नेचर सफारी के दीदार बिना राजगीर का पर्यटन अधूरा जैसा है।नेचर सफारी और रोपवे बंद रहने के कारण पर्यटकों को निराश लौटना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन करने के बाद से ही नेचर सफारी देखने वालों का सैलाब उमड़ने लगा था।हर दिन सैलानियों का कारवां काफी लम्बी होती थी।पर्यटक नेचर सफारी और रोपवे खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।नेचर सफारी तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस पोस्ट भी बनाए जा चुके हैं।

— जनता बोली

सुधीर कुमार पटेल, उप प्रमुख, राजगीर का कहना है की पार्कों और धरोहरों को पर्यटकों के लिए खोलने के बाद नेचर सफारी और रोपवे को बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है।जिन शर्तों के साथ पार्क और धरोहर खोले गये हैं, उन्हीं शर्तों के साथ नेचर सफारी और रोपवे खोलने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

 

पिंकी देवी, उप मुख्य पार्षद, नप, राजगीर ने बताया की नेचर सफारी और रोपवे बंद रहने के कारण यहां आने वाले पर्यटकों में भारी निराशा है।पर्यटकों के निराशा को दूर करने के लिए पर्यटन उद्योग हित में इसे अविलंब खोल देना चाहिए।इससे पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।

डॉ अनिल कुमार, वरीय वार्ड पार्षद, नप, राजगीर.ने कहा की चर्चित नेचर सफारी और रोपवे को छोड़कर सभी पर्यटन और धरोहर स्थलों को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है।इन दो मुख्य पर्यटन स्थल को नहीं खोलना सैलानियों के लिए भेदभाव जैसा प्रतीत होता है।मुख्यमंत्री को इसके लिए स्वयं पहल करनी चाहिए।

अनिता गहलौत, प्रभारी, राजगीर विधानसभा का कहना है की सोन भंडार जहां नेचर सफारी और जरासंध अखाड़ा का प्रवेश द्वार है।वहां सैलानियों के लिए प्रसाधन और पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।पर्यटन हित में सोन भंडार के पास पेयजल, सार्वजनिक शौचालय आदि की मुकम्मल व्यवस्था करनी चाहिए।

डॉ नेशामणि के, डीएफओ, नालंदा का कहना है की वैश्विक महामारी कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए और अनियंत्रित भीड़ से बचने के लिए नेचर सफारी को सरकार द्वारा बंद कराया गया है।जैसे-जैसे उच्चाधिकारियों के आदेश प्राप्त हो रहे हैं, वैसे- वैसे पर्यटकों के लिए पर्यटन स्थल खोले जा रहे हैं।

Leave a Comment