अनुमंडलीय अस्पताल में लगेगा अल्ट्रासाउंड मशीन

फोटो – अनुमंडलीय अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार

अस्पताल के मरीजों को मिलेगी अल्ट्रासाउंड की सुविधा

आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा राजगीर का अनुमंडलीय अस्पताल

एक छत के नीचे मिलेगी सभी सुविधाएं प्रदान

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा [ बिहार ]
राजगीर;-पर्यटन स्थल राजगीर के अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की कार्रवाई लगातार हो रही है. हर बेड तक ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने वाला यह अस्पताल अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है. भले ही उन सुविधाओं का इस्तेमाल कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और कर्मी यहां पदस्थापित नहीं हैं।

इस अस्पताल में मरीजों को अब अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी शीघ्र उपलब्ध होगी. मशीन की आपूर्ति कोरियर से हो चुकी है. वह भंडार की शोभा बढ़ा रही है. मशीन स्टाल करने के लिए न तो कोई आदेश आया है और न हीं स्टाल करने वाले कर्मचारी ही आए हैं. बाहर हाल अल्ट्रासाउंड मशीन स्टाॅल होने के बाद मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध होने लगेगी. तब अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को अस्पताल बाउंड्री से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।

यहां डिजिटल एक्सरे की सुविधा पहले से उपलब्ध है. अस्पताल के पुराने और कीमती एक्सरे प्लांट को जंग खा रही है. इसकी सुध स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग एक छत के नीचे मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटी है. इसी कोशिश के तहत हर बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.डिजिटल एक्स-रे और पैथोलॉजी से जांच के बाद अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं को बढ़ने से राजगीर वासियों और अस्पताल के मरीजों में काफी खुशी है. सरकार के इस प्रयास की प्रशंसा हो रही है लेकिन इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं कर्मियों की पदस्थापन नहीं होने से मायूसी भी दिख रही है. आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे इस अस्पताल में आवश्यक दवाओं का घोर अभाव रहने के कारण मरीजों को बाहर के मेडिकल दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है. इस अस्पताल में मेडिकल मेडिकल और नॉन मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है. यहां एक नहीं दो सर्जन पदस्थापित हैं. बावजूद नौ महीने से सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं।

इसका कारण मूर्छक विशेषज्ञ चिकित्सक का पदस्थापन नहीं होना बताया जा रहा है. यहां ओटी असिस्टेंट, कंपाउंडर, ड्रेसर, मैनेजर सहित अनेकों पद दसकों से रिक्त हैं. बार बार डिमांड के बाद भी रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई विभाग के द्वारा नहीं की जा रही है. फलस्वरूप चतुर्थवर्गीय कर्मचारी ड्रेसर, कंपाउंडर सहित अन्य कार्य निष्पादित करते हैं. यहां के ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने का दयित्व पैथोलॉजिस्ट को दिया गया है, जिनके पास प्लांट चलाने का न तो ज्ञान है और न ही अनुभव।

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