अफसरशाही से आहत नीतीश के मंत्री ने की इस्तीफे की पेशकस

रिपोर्ट;ब्यूरो राम नरेश ठाकुर [बिहार]
पटना;-बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी द्वारा अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कही गई हैं। जदयू विधायक सह मंत्री राज्य के अधिकारियों की मनमानी से परेशान हैं। अपने आवास पर मिडिया से बात चित के क्रम में उन्होंने बताया की अफसरशाही से वे इतने परेशान हैं कि उनके पास इस्तीफा देने के सिवाय दूसरा कोई बिकल्प नहीं है।उन्होंने कहा की यहाँ अधिकारी तो छोड़ दीजिए, चपरासी तक मेरी बात मानने को तैयार नहीं हैं ।

उन्होंने बताया की आज मै विधायक शशिभूषण हजारी की अंत्येष्टि में भाग लेने दरभंगा जा रहा हूं। वहां से लौट कर मैं मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।मैं नीतीश जी के साथ रहूंगा, लेकिन मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं।मंत्री के इस्तीफे की पेशकश के बाद ये तय माना जा रहा है की सरकार की चुनौती बढ़ेगी और नीतीश कुमार के सामने अब लगातार एनडीए के घट रहे विधायकों की संख्या के बीच सरकार बचाने की चुनौती होगी।

विभाग के प्रधान सचिव पर मनमानी का लगाया आरोप

मंत्री ने यहां तक कहा कि नीतीश सरकार में मंत्रियों की कोई पूछ ही नहीं है। विभाग के प्रधान सचिव पर मंत्री ने आरोप लगाते हुए अपनी व्यथा बताई है। कहा कि सरकार में अफसरशाही हावी हो गई है। चार साल से एक ही जगह जमे हैं। अब तक क्या किया यह किसी को मालूम नहीं।भ्रष्टाचार और अफसरशाही चरम पर है। अधिकारी तो छोड़ दीजिए, चपरासी तक मेरी बात नहीं मानते। अफसरों की तानाशाही वर्षों से झेल रहा हूं। इसलिए अब मंत्री पद छोड़ना ही मेरे पास एकमात्र विकल्प है।

उन्होंने कहा कि मंत्री पद सिर्फ सुविधा भोगने के लिए नहीं होता। इतने बड़े बंगले में रहूंऔर गरीबों का कुछ भला ही नहीं कर सकूं तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं। इस संबंध में किसी को कुछ कहने का कोई फायदा नहीं हो सकता। जिसे बंगला में रहने और पांच गाड़ी के आगे-पीछे चलने का शौक है, वह मंत्री पद पर बना रहे, लेकिन मैैं नहीं रह सकता हूं।आज ही भाजपा विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू ने भी कहा है कि मंत्रियों ने अफसरों और कर्मियों के तबादलों में जमकर घूस खाई है। उन्होंने कहा है कि जदयू के ज्यादातर मंत्रियों ने नीतीश कुमार के डर से पैसा नहीं लिया है, किन्तु भाजपा के मंत्रियों ने तबादलों के लिए जमकर पैसा लेने में कोई गुरेज नहीं किया है।

मंत्री ने कहा कि वे मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी जदयू नहीं छोड़ेंगे। पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उन्होंने आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने ही मुझे पहचान दी है।

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