अशोक वाजपेयी की सम्पूर्ण कविताओं ‘सेतु समग्र : अशोक वाजपेयी’ पुस्तक का लोकार्पण


ऋषि तिवारी
नई दिल्ली;- 2 दिसम्बर, 2019 को त्रिवेणी कला संगम में अशोक वाजपेयी की सम्पूर्ण कवितओं ‘सेतु समग्र : अशोक वाजपेयी’ नामक पुस्तक का लोकार्पण हुआ। साहित्य की दुनिया के श्रेष्ठ रचनाकार एवं साहित्य-मनीषी–अशोक वाजपेयी, मदन कश्यप, मंगलेश डबराल, सविता सिंह, अपूर्वानन्द वक्ता के रूप में मौजूद थे। प्रांजल धर और अमिता पांडेय के स्वागत द्वारा और विद्या सिनहा द्वारा पौधा भेंट कर सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। पुस्तक के संपादक अमिताभ राय ने तीनों खण्डों के संपादन के बारे में बात करते हुए उनकी कविता में एक प्रकार की ‘सम-सामयिकता’ और ‘मैं’ के प्रसारण में बात करते हुए उसे साहित्य के क्षेत्र में मिल का पत्थर कहा। आगे अपूर्वानन्द ने कहा कि उनकी कविता में व्याप्त ‘मैं’ को जीवन की समग्रता में देखा जाए जो जीवन की उलझनों को सुलझाने की कोशिश करती हैं। अशोक वाजपेयी की कविताओं की स्त्री-विषयक आलोचना करते हुए उनकी प्रेम कविताओं की रचनात्मकता पर बात की, उन्होंने अशोक जी को प्रेम की दुनिया की असीम गहराई की संज्ञा दी। आगे मदन कश्यप ने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में जब लोकतंत्र खतरे में है अशोक जी की कविताएँ लोकतंत्र को बचाने में मददगार साबित होगीं। आगे जिनका सभी को इंतज़ार था अशोक वाजपेयी अपनी कविताओं ‘आसन्न प्रसवा माँ के लिए गीत’ तथा ‘उजाला’, आदि का पाठ किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष मंगलेश डबराल ने अशोक वाजपेयी की कविता की संवेदना और संगीत से उसके रिश्ते की बात करते हुए अशोक वाजपेयी और सेतु प्रकाशन को ढेर-सारी बधाई दी। अंत में सेतु प्रकाशन की निदेशक अमिता पांडेय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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