आंगनबाड़ी केंद्र पर महिलाओं को स्टेम सेल के बारे में दी गई जानकारी

आशुतोष कुमार की रिपोर्ट
रोहतास: नगर पंचायत नासरीगंज क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 05 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 107 पर महिलाओं को हेल्थ संबंधित फाइटर सेल (उत्तर प्रदेश) से आए हुए ईश्वरचंद्र मौर्या ने स्टेम सेल के बारे में विस्तृत जानकारी दी। श्री मौर्या ने बताया कि जन्म लेने वाली संतान मां के गर्भनाल से जुड़ी रहती है। यह स्टेम सेल है। स्टेम सेल या प्लासेंटा को माइनस डिग्री फ्रिज पर संरक्षित रखा रखा जाए तो इसका उपयोग किडनी, लिवर, त्वचा, नाक, आंख, कान को कृत्रिम रूप से बनाने में किया जा सकता है। यह तकनीक डायबिटीज और ऐसिड अटैक से प्रभावित व्यक्तियों के लिए वरदान है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म के समय काटी जाने वाली गर्भनाल को यदि सुरक्षित रखा जाए तो जब तक जीवन है, तब तक वह गर्भनाल यानी स्टेम सेल गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रख सकती है। इतना ही नही आवश्यकता पड़ने पर स्टेमसेल के उपयोग से कृत्रिम अंग बनाकर ट्रांसप्लांट भी करवाया जा सकता है। महिलाओं ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना। मौके पर प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष सुभाष कुमार कुशवाहा, राहुल कुमार, कमलेश कुमार, अरविंद कुमार, श्वेता कुमारी, निकेतन कुमार, विकी कुमार, कुमारी इंदु, श्वेता कुमारी, ममता कुमारी, मीरा देवी व रीना कुमारी समेत कई महिलाएं उपस्थित थी।

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