आईएफडब्ल्यूजे के 31वें अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग पर जोर

राम नरेश ठाकुर,
राजस्थान/झुंझूनू: इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किगं जर्नलिस्ट यूनियन ( आईएफडब्ल्यूजे ) का 31वाँ राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन राजस्थान के झुंझूनू में आयोजित हुआ। जेजेटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में देश के लगभग सभी राज्यों के पत्रकारों ने भाग लिया। आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष के0 विक्रम राव की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के प्रथम दिन स्थानीय सांसद संतोष एहलावत, राजस्थान की पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह, आईएफडब्लूजे के राजस्थान अध्यक्ष उपेन्द्र राठौर, झंुझूनू के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा एंव जेजेटी विश्वविद्यालय प्रसिडेंट बालकृष्ण टिबरेवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सांसद ने पत्रकारों के चुनौतियों की चर्चा करते हुए उनके साथ सदैव साथ रहने का भरोसा दिलाया। सांसद ने अपने राजनीतिक कैरियर की भी चर्चा किया, सांसद ने अपने उद्बोधन में उपस्थित पत्रकारों को शिक्षा की नगरी झुंझुनूं के विषय में जानकारी देते हुए महिला शिक्षा व सशक्तिकरण की और उठाएं जा रहे कदमों से अवगत कराया। उन्होने महिलाओं के प्रति अपनी जागरूकता व क्षेत्र के विकास तथा झूंझूनू को शहीद की धरती की वीर गाथा सुनाई। वहीं राजस्थान की पूर्व विधानसभाध्यक्ष सुमि़त्रा जी ने अपने कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक भाषा मे आए हल्कापन पर अपनी चिन्ता जताई। पूर्व विधानसभा अध्यक्षा सुमित्रा सिंह ने अपने राजनैतिक जीवन के दौरान पत्रकारों से जुड़ी खबरों व लम्बे राजनैतिक जीवन के विषय में अनुभवों से अवगत कराया। उन्होने पत्रकारों से कहा की आज के समय में भाषाई गड़बड़ी व नेताओं के अमर्यादित बयान पर चेतावनी दें। पत्रकार इसके लिए जिम्मेवारी लें। उन्होने कहा की देश इस समय खतरे में है। देश के पत्रकार इसकी रक्षा करें। आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय महासचिव विपीन धूलिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज के समय में पक्ष व विपक्ष के खबरों को कवरेज करने में पत्रकारों को काफी चुनौतियों को सामना करना पड़ रहा है। पक्ष वाले या विपक्ष वाले के मन मुताबिक अगर खबर नहीं बनता है तो पत्रकारों को नराजगी का सामना करना पड़ रहा है। जो चुनौती भरा है।

वहीं दिल्ली प्रदेश के आईएफडब्लूजे के अध्यक्ष राजीव रंजन नाग ने पत्रकारिता पेशे पर संकट के बादल छाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए सीधे-सीधे केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया। उन्होने कहा कि पत्रकारिता में फैल रही भाषाई शैली, पेड न्यूज, फेक न्यूज पर भी चर्चा की। श्री नाग ने कहा कि अब आम जनता भी मीडिया को तरजीह देना कम कर दिया है। क्योंकि हम आम जनता की समस्याओं को दरकिनार कर दिया है। आज अखबार मलिकों व इलेक्ट्रानिक मीडिया हाउस पर सरकार का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दबदबा दिख रहा है। पत्रकारों की नौकरी खतरे में आ गई है। कब कौन हाउस किस पत्रकार को हटा दे कहना मुश्किल है। यहां तक की सरकार के नुमाइंदे द्वारा सोशल मीडिया एंव विदेश में बैठै सर्विस प्रोवाडर को धमकाया जा रहा है। जो चिंता की विषय है। वहीं फेडरेशन के बिहार ईकाई के महासचिव सुधीर मधुकर ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए पत्रकार सम्मान पेंशन योजना लागू किए जाने पर बिहार की सराहना की। उन्होने कहा कि आज के समय में सबसे अधिक खासकर पत्रकारों पर आए दिनों हो रहे जानलेवा हमला झूठे मुकदमें में फसाने, हत्या एंव अन्य पड़ताड़ना को लेकर चिंता जाहीर की। इस दौरान उन्होने खास ग्रामीण पत्रकारों की आर्थिक स्थिति एंव बिना पहचान पत्र के समचार संकलन में हो रहे परेशानियों की चिंता जाहीर करते हुए देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की सरकार से मांग की गई।

आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने राजस्थान में पत्रकारिता के भीष्म पितामह प.झाबरमल्ल शर्मा की जन्म स्थली झुंझुनूं में उन्हें याद कर तथा पत्रकारिता के दौरान सहे कष्टों व अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उनसे सीख लेने की आवश्यकता है। साथ ही पूर्व न्यायाधीश सुब्बाराव द्वारा पत्रकारों को उनके दायित्व के विषय में कहें गए शब्दों से प्रेरित होकर कार्य करने का आव्हान किया साथ ही राजस्थान प्रदेश में संगठन की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने देश के सबसे पुराने सत्तर वर्षीय पत्रकार संगठन की यात्रा , आन्दोलन , अनुभवों को अपने उद्बोधन के दौरान बताते हुए संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मजबूती हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कहीं। कार्यक्रम में झुंझुनूं जिला इकाई के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वाधिनता सेनानी संपादक शिरोमणि सांसद ,कोटम राजु रामा राव पर लिखी गई किताब का विमोचन किया गया। उनकी पूण्य तिथि 09 मार्च के अवसर पर किताब के लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने इस किताब में रामा राव को लिखे गए पत्रों का इस किताब में संकलन कर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार पटेल ,बर्नाड शॉ के उनके बारे में व्यक्त किए गए विचारों का उल्लेख किया। कोटम राजु रामा राव आई एफ डब्ल्यू जे के प्रथम अध्यक्ष भी रहें।इस किताब के विमोचन के पश्चात राजस्थान प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कुछ अंशों को पढ़कर उनके विषय में जानकारी उपस्थित पत्रकारों को दी।

वहीं दूसरे सत्र में फेडरशन के राष्ट्र अध्यक्ष के विक्रम राव की अध्यक्षता में कार्यकारणी की बैठक हुई। जिसमें विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

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