आधुनिक तकनीकी कृषि यंत्रों पर अनुसंधान की जरूरत;- मंत्री

रिपोर्ट,प्रो सुभाष चंद्र कुमार ,समस्तीपुर।
पूसा ;बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि आधुनिक एवं तकनीकी कृषि यंत्रों पर अनुसंधान की जरूरत है। जिससे घटती हुई जोत की जमीन से किसान कम लागत में अधिक आय प्राप्त कर सके। राज्य के कुल आबादी में से 89 प्रतिशत लोग गावं में ही निवास करते है। जिनका कृषि ही जीवकोपार्जन का साधन है। अन्नदाता को बेहतर आमदनी दिलाने में जो भी वैज्ञानिक शोध करते वह सभी विद्वतजन का कार्य सराहनीय है। वर्ष 2017 के कृषि रोड मैप के बाद बिहार राज्य चावल, गेहूं एवं मक्का के अप्रत्यशित उत्पादन कर राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके है।  अभी अभी बिहार सरकार के कृषि अभियांत्रिकी के छात्रों को 110 पदों के आलोक में 55 सहायक निदेशक के पद पर नियुक्त कर लिया गया है। शेष बचें 55 पद पर बीपीएससी के माध्यम से अविलम्ब भरने की कवायद तेजी पर है। वहीं एटीएम व बीटीएम के 2150 रिक्तियां पर भी वहाली की प्रक्रिया जारी है। आगामी वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दुगुनी करने के ख्याल से राज्य में कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय की स्थापना की जा रही है। यह बातें डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विधापति सभागार में कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के 37वां स्थापना सह दो दिनीं एल्युमिनी मीट समारोह के अवसर पर वैज्ञानिक व छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कही।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा विवि केंद्रीयकृत का दर्जा प्राप्त करने के बाद से काफी प्रगति के पथ पर है। सौर ऊर्जा चालित सिंचाई प्रणाली, मत्स्य बंधु, बांस प्रसंस्करण, सहित दर्जनों कृषि यांत्रिकी शोध कार्यों से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में समुचित प्रयास किया जा रहा है। क्लाइमेट चेंज पर भी यथोचित पहल किया गया है। हल्दी के पत्ति से तेल निकालकर ओषधि के रूप में किसानों तक पहुंचाने का यथाशीघ्र कार्य किया जा रहा है। अरहर के डंठल, लीची के बीज से किसानोंपयोगी वस्तु का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से पूर्ववर्ती छात्रों के सम्मेलन सहित एल्युमिनी मेमोरियल लेक्चर की शुरूआत कर दी जाएगी। कृषि अभियंता ही कृषि यन्त्रों की तकनीक को बदलते है। जो सदैव महत्वपूर्ण है। इससे पूर्व आगत अतिथियों ने दीप जलाकर समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान आईसीएआर के उप माहानिदेशक डॉ एस एन झा, पूर्व डीन डॉ ए पी मिश्रा, डीन डॉ अम्बरीश कुमार के अलावे विवि डीन, निदेशक, वैज्ञानिक सहित मंत्री के ओएसडी मौजूद थे।

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