उपेक्षा का शिकार हुआ शहीद भरत रजक का परिवार

अमित वत्स की रिपोर्ट
सुपौल: तारीख था 27 -10-2013 पटना के गांधी मैदान से तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की हुंकार रैली आयोजित की गयी थी और सभा चल रही थी गांधी मैदान मे लाखों भाजपा समर्थक मोदी ज़ी के भाषण को सुनने के लिए बेकरार थे। इसी बीच एक पर एक कई सीरियल बम विस्फोट हुए जिसमे सुपौल जिले के सिमराही वार्ड नं 8 निवासी भाजपा के पंचायत अध्यक्ष भरत रजक भी मौजूद थे। उन्हें पार्टी के बड़े नेताओं ने कहा था कि हुंकार रैली में अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं को लेकर गांधी मैदान पहुँचे। जिसको लेकर भरत रजक रैली हेतु सिमराही से सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं को अपने साथ पटना ग़ांधी मैदान ले गए थे। उन्हें क्या पता था फिर वो फिर घर लौट कर नही आएंगे, भरत रजक ग़ांधी मैदान में हुए सीरियल बम विस्फोट में शहीद हो गए। बात इसलिए कहा जा रहा है चूंकि फिर एक बार पीएम नरेन्द्र मोदी का सभा आगामी 3 मार्च को पटना के गांधी मैदान मे आयोजित हो रही है, लिहाजा लोगों मे ये चर्चा आम है, 2013 के हुंकार रैली मे हुए सीरियल बम विस्फोट मे पूरे बिहार के कुल 5 लोग शहीद हुए थे। जाहिर है इस घटना को भाजपा नेताओं ने गंभीरता से लिया शहीद कार्यकर्ताओं का अस्थि कलश यात्रा निकाला गया, उसके बाद नरेंद्र मोदी का भरत रजक सहित सभी पांच शहीद परिवार से मिलने का दिन भी तय हुआ। जिला प्रशासन एवं पार्टी द्वारा भरत रजक के घर पर तैयारी की गई लेकिन जिस दिन नरेंद्र मोदी सिमराही आने वाले थे। उस समय मौसम खराब होने के वजह से उनका हेलिकॉप्टर लेंड नही कर पाया जिसके कारण पीएम मोदी भरत रजक के परिजन से नही मिल पाए। हालंकि मौके पर मौजूद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मोबाईल से भरत रजक के परिजन को नरेंद्र मोदी से बात करवाए और उन्होंने आश्वासन दिया गया कि आपके परिवार का पूरा ख्याल रखा जाएगा। भाजपा ने भी हुंकार रैली में मारे गए लोगों के परिजनों को पार्टी कोष से पांच-पांच लाख देने की घोषणा की है. इसके पहले बिहार सरकार द्वारा भी ऐसी ही घोषणा की गई थी। साथ ही पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने मृतकों को ‘शहीद’ करार देते हुए गांवों में उनकी मूर्ति स्थापित करने की भी घोषणा की थी और कुछ दिनों के बाद लग भी गई ,उस गहमागहमी के बाद आज तक शहीद भरत रजक के परिजन का सुधी लेने कोई बड़ा नेता नही आया। जो वादा किया गया था कुछ तो पूरा हुआ कुछ वादों का इंतजार शहीद के परिजन आज भी कर रहे हैं। शहीद भरत रजक का परिवार सरकारी नौकरी एवं विधवा पेंशन नही मिलने से खासे नाराज दिख रहा है। इस बाबत भाजपा नेता जिला प्रवक्ता सह सुपौल विधान सभा प्रभारी सुमन कुमार चंद ने बताया कि शहीद के परिजन को भाजपा कोष और बिहार सरकार के द्बारा पांच पांच लाख की राशि दी गयी है। सरकारी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया था जो शैक्षणिक योग्यता पूर्ण होने के बाद इसके लिए प्रयास किया जायेगा .

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