एम्बुलेंस के अभाव में बीमार महिला की हुई मौत

रिपोर्ट;अंजुम आलम,जमुई।
जमुई: सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और एम्बुलेंस कर्मी के लापरवाही का फिर बुधवार को एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। जहां लंबी बीमारी झेल रही खैरा प्रखंड के चौकिटांड़ गांव निवासी शहादत अंसारी की 30 वर्षीय पत्नी शहज़ादी खातून को चिकित्सक धीरेंद्र सिंह द्वारा पटना रेफर करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं मिल सका। स्वजन 6 घंटे तक एम्बुलेंस के तलाश में इधर से उधर भटकते रहे और थोड़ी देर में आने को बात एम्बुलेंस चालक कहता रहा। अंततः उक्त महिला की मौत सदर अस्पताल में ही हो गई। इधर मौत के बाद स्वजन द्वारा अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया जाने लगा।

हंगामा की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सैयद नौशाद अहमद द्वारा किसी तरह समझा-बुझा कर हंगामा को शांत कराया गया और एम्बुलेंस से महिला के शव को उसके घर तक छोड़ा गया। स्वजन सद्दाम अंसारी ने बताया कि महिला को गला में समस्या थी। इलाज चल रहा था। अचानक महिला की तबियत बिगड़ने की वजह से उसे सदर अस्पताल में करीब 8 बजे भर्ती कराया गया था उसके बाद चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार करने के बाद पटना रेफर किया गया था। पटना जाने के लिए एम्बुलेंस के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया तो एम्बुलेंस नहीं होने की बात कहकर टोलफ्री नंबर 102 पर कॉल करने के लिए कहा गया। जब 102 पर कॉल की गई तो 20 मिनट्स में एम्बुलेंस पहुंचने की बात कही गई थी फिर कई बार फोन किया गया तो थोड़ा देर में एम्बुलेंस आने की बात कही गई। उसके बाद जब दो घंटे के बाद भी एम्बुलेंस नहीं आया तो सिविल सर्जन को फोन किया गया लेकिन 9 बजे से लेकर 1:30 दोपहर तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची जिस वजह से महिला ने सदर अस्पताल में ही मौत हो गई।

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