ए पी एन एस की खबर का असर नालंदा और पावापुरी को मिला नगर पंचायत का दर्जा

 

नगर पंचायत का दर्जा मिलने से नालंदा और पावापुरी के विकास का खुला द्वार

रिपोर्ट : ब्यूरो राम विलास नालंदा बिहार
नालंदा;-लम्बे अर्से से उपेक्षा का शिकार विश्व विश्रुत नालंदा को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा दिया गया है। इसके साथ ही भगवान महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी को भी नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है। नालंदा और पावापुरी को मिलाकर नालंदा जिले में 10 नगर पंचायतों का सृजन किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा और पावापुरी को नगर पंचायत का दर्जा देकर यहां के लोगों की चिर प्रतिक्षित मांगे पूरी कर दी है। कैबिनेट का मुहर लगने के बाद नालंदा और पावापुरी में चारों तरफ खुशियां मनाई जा रही है।

स्थानीय लोग फूले नहीं समा रहे हैं। बुद्धिजीवी हों या समाजसेवी, जनप्रतिनिधि हो या किसान- व्यवसायी सभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। नालंदा का अतीत काफी समृद्ध और गौरवशाली है। दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाला नालंदा सैकड़ों साल से विकास का इंतजार कर रहा है। आजादी के सात दशक बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहल से नालंदा को नगर पंचायत का दर्जा मिला है। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद नालंदा और पावापुरी के विकास का द्वार खुलने की उम्मीद जगी है।

दुनिया के पहले आवासीय प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद नालंदा की प्रतिष्ठा दुनिया में बढ़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा को नगर पंचायत का दर्जा देकर इसके विकास की नींव रखी है। यहां के लोगों को विश्वास है कि विश्व धरोहर और नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद नालंदा का समुन्नत विकास होगा। चिर प्रतिक्षित मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त कर रहे हैं। उन्हें बधाई भी दे रहे हैं।

नवगठित नालंदा और पावापुरी नगर पंचायत का नया परिसिमन किया जायेगा। कौन वार्ड सामान्य रहेगा। कौन वार्ड महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ी जाति के लिए रिजर्व होगा। यह परिसीमन बाद ही पता चलेगा। जानकार बताते हैं कि विदेशी आक्रांताओं द्वारा न सिर्फ नालंदा विश्वविद्यालय का विध्वंस किया गया, बल्कि तत्कालीन नालंदा ग्राम का भी विनाश कर दिया गया. राजा टोडरमल द्वारा किए गए सर्वे से नालंदा ग्राम को भारत के नक्शे से विलोपित कर दिया गया है।आजादी के बाद भी उसे पुनः नामांकित नहीं किया जा सका है।

आजादी के बाद देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के प्रतिकृति के रूप में नव नालंदा महाविहार की स्थापना की गयी है।यह नालंदा को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जाता है।महाविहार के माध्यम से एशियाई देशों में नालंदा पुनः स्थापित हुआ है।पूर्व मुखिया रत्नेश कुमार, जिला पार्षद चंद्रकला कुमारी, प्रकृति अध्यक्ष नबेन्दू झा, सचिव राम विलास मुखिया अरविंद कुमार, मुखिया पप्पू कुमार, पूर्व मुखिया चंद्रमणि कुमार, अनिल कुमार, प्रो अरुण कुमार, जदयू नेता सरजू प्रसाद सिंह, डॉ विश्वजीत कुमार, डॉ श्रीकांत सिंह, डॉ अरविंद कुमार, पंकज कुमार, विनय कुमार, पंकज कुमार, डॉ गोपाल शरण सिंह, डॉ देवेंद्र प्रसाद, देवनंदन प्रसाद, भिक्षु प्रज्ञाशील, राम शरण प्रसाद, आनंद उपासक, पूर्व मुखिया नवल प्रसाद, अधिवक्ता सुभाष पाण्डेय, सुरेश भंते, निर्मला द्विवेदी एवं अन्य ने नालंदा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त किया है। उन लोगों ने सीएम नीतीश कुमार को बधाई दिया है।

— नालंदा नगर पंचायत में शामिल गांव

नालंदा नगर पंचायत में बड़गांव, सूरजपुर, मोहनपुर, बेगमपुर और कुल को शामिल किया गया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बड़गांव और सूरजपुर पंचायत का पूर्ण भाग, कुल – फतेहपुर और नूरसराय के मामूराबाद पंचायत का आंशिक भाग नालंदा नगर पंचायत में शामिल किया गया है नालंदा नगर पंचायत के उत्तर में मछलडीहा दक्षिण में फतेहपुर पूरब में भदारी और सबैत और पश्चिम में नीरपुर एवं पचवाड़ा निर्धारित किया गया है।

— तीन पंचायत का अस्तित्व होगा समाप्त

नालंदा नगर पंचायत के गठन बाद सूरजपुर, बड़गांव और कुल पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। विश्व धरोहर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का भग्नावशेष, पुरातत्व संग्रहालय, भारत-चीन मैत्री का प्रतीक ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल, सूर्यपीठ बड़गांव, महामोग्लान की जन्मभूमि जुआफर, रुकमिणी स्थान, नव नालंदा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी, नालंदा खुला विश्वविद्यालय, महाबोधी कॉलेज, नंदावर्त महल, महाबोधी बीएड कॉलेज अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रासबिहारी प्लस टू स्कूल, नालंदा थाना, केनरा बैंक, यूनियन, बैंक दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक सहित, पावर ग्रिड, पावर सबस्टेशन, नालंदा रेलवे स्टेशन आदि अनेकों प्रमुख संस्थाएं नगर पंचायत में होंगे।

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