ऐतिहासिक सूर्यपीठ मेला पर कोरोना का ग्रहण

–बड़गांव चैती छठमेला का नहीं होगाआयोजन
— कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन ने लिया निर्णय
— इतिहास में पहली दफा बड़गांव में नहीं लगेगा छठमेला

रिपोर्ट :राम विलास राजगीर.
राजगीर;-आस्था पर कोरोना वायरस भारी पड़ रहा है. उसी वायरस के कारण यहां के धार्मिक स्थल मठ, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च तक बंद हैं। धरोहर स्थलों, तीर्थस्थलों, धर्मशाला, रेस्टोरेंट और होटलों तक में ताले लटके हैं। कोरोना वायरस के डर से सर्वत्र सन्नाटा पसरा है। सरकार और आम आवाम सतर्क हैं। हर कोई भीड़-भाड़ से परहेज करने लगे हैं। प्रागैतिहासिक काल से सूर्यपीठ बड़गांव में चार दिवसीय चैती छठमेला का आयोजन होते आ रहा है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इस बार राजकीय छठमेला का आयोजन नहीं हो पाएगा। राजगीर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने इसकी पुष्टि की है। इस मेले में पहले लाखों श्रद्धालु, छठव्रती और सूर्य उपासक बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से आते थे। वे इस बार नहीं आ सकेंगे. इसका कारण जानलेवा कोरोना वायरस है। सरकार ने 31 मार्च तक रेलगाड़ियों और यात्री बसों व वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। यही कारण है कि 28 मार्च से शुरू होने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ के मौके पर यहां न तो भीड़ जमा होगी और न ही चार दिवसीय राजकीय छठमेला का आयोजन हो सकेगा। पंडा कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार मिश्रा, पूर्व सचिव शैलेश पांडेय और स्थानीय प्रो. अरुण कुमार एवं अन्य लोगों की मानें तो इस प्रकार की पाबंदी पहली बार लगाई गई है. सरकार द्वारा आवाम को भीड़ से बचने की सलाह दी गई है. भीड़ से बचने के लिए ही यात्री बसों, रेलगाड़ियों आदि को बंद कराई गई है, ताकि कोई स्वस्थ आदमी इस वायरस का शिकार नहीं हो सके। 28 मार्च को नहाय खाय से चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू होगा. 29 मार्च को लोहंडा, 30 मार्च को पहला अर्घ्य और 21 मार्च को उगते हुए भगवान भास्कर को अर्घ्य दान से पारण होगा। बड़गांव छठ मेला में पहले रेलगाड़ी, बस और प्राइवेट गाड़ियों से भारी संख्या में छठ वर्ती आते थे। यहां ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के कारण छठव्रती खेतों में तंबू बनाकर रह लेते थे। तब बड़गांव तंबुओं का गांव बन जाता था। ऐतिहासिक सूर्य तालाब में छठव्रती अर्घ्यदान तथा भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करते थे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु नर- नारी, बाल-वृद्ध कष्टि देने के लिए बड़गांव आते थे। लेकिन इस बार वैसा नहीं होगा. दूरदराज के छठव्रती बड़गांव मेला नहीं आ सकेंगे। इसका मूल कारण है रेलगाड़ी और बसों का परिचालन नहीं होना। भीड़-भाड़ से बचने के लिए प्रशासन द्वारा राजकीय छठमेला की व्यवस्था नहीं की जा रही है।अनुमंडल प्रशासन द्वारा इस बाबत एडवाइजरी भी जारी की गई है।

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