औषधीय गुणों से भरपूर काला धान की खेती पहुंची सिलाव

फोटो – काला धान की फसल
रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा,बिहार।
नालंदा;-औषधीय गुणों से भरपूर काला धान की खेती नालंदा जिला के सिलाव पहुंच गई है. इस प्रखंड के कई गांवों के किसानों द्वारा पहली बार काला धान की खेती प्रयोग के तौर पर की गई है।धान के पौधों में बाली निकल चुकी है।काले धान के पौधों की ऊंचाई सामान्य धान से अधिक होती है।पारंपरिक सफेद चावल के मुकाबले काले चावल को सेहत के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है।इसकी खेती किसानों के लिए बहुत लाभकारी है।आम चावल की तुलना में इसकी पैदावार कम होती है, लेकिन कीमत अच्छी मिलती है।

धान की प्रजातियों में ही एक काला धान है. काला चावल एंटी ऑक्सीडेंट होता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. सफेद चावल की तुलना में इसमें ज्यादा विटामिन बी और ई के साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक की मात्रा अधिक होती है।इसे मधुमेह रोगी भी खा सकते हैं. यह लीवर और ह्रदय रोगियों के लिए फयादेमंद है।काला चावल फाइबर प्राप्ति का अच्छा श्रोत माना जाता है।

जैविक विधि से तैयार की गई है काला धान

सिलाव के किसान राजेश कुमार, चंडीमौ के प्रशांत कुमार, माहुरी के रूपेश कुमार, फतेहपुर के विनय कुमार, बाजितपुर के लाल सिंह ने बताया कि काला धान की खेती पहली बार प्रयोग के तौर पर किया है।यह पुरी तरह जैविक फसल है. रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया गया है।फसल देखकर वे सभी काफी खुश हैं। इसकी हाइट बहुत है बावजूद यह गिरा नहीं है।जबकि सामान्य धान के पौधे बड़े होने पर तेज हवा में गिर जाते हैं।सेहत के लिए फायदेमंद इस काले चावल की कीमत 200 से 500 रुपए प्रति किलो तक है।इस प्रकार यह किसानों के लिए लाभकारी माना जाता है।सामान्य धान की तरह ही इसकी रोपनी की गई है।यह धान अगहनी धानों की तरह ही नवंबर में काटी जाती है।इस धान की खासियत है कि कम पानी वाले खेत में भी इसकी उपज हो सकती है।इस फसल पर बाढ़ व बारिश का खतरा कम रहता है।

औषधीय गुणों वाला काला चावल

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार काला चावल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं।कई तरह के गुणों से भरपूर यह शुगर फ्री होता है।एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में होने के कारण यह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने की क्षमता प्रदान करता है।विशेषज्ञ बताते हैं कि काले चावल में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी कैंसर गुण होते हैं।यह हृदय रोग से लड़ने और डायबिटीज को रोकने में मदद करता है।इस चावल के सेवन से मोटापा भी कम किया जा सकता है।

इन किसानों ने की है काला धान की खेती

सिलाव डीह के राजेश कुमार सिंह, 2 बिघा
चंडीमौ के प्रशांत कुमार – 15 कठ्ठा
चंडीमौ के सुधांशु कुमार – 6 कट्ठा
धरमपुरा के अरुण कुमार – 06 कट्ठा
माहुरी के रूपेश कुमार – 06 कट्ठा
फतेहपुर के विनय कुमार – 06 कट्ठा
बाजीतपुर के लाल सिंह – 06 कट्ठा
गुल्ला विगहा के अमित पासवान – 5 कट्ठा
धरमपुरा के मनोज कुमार – 06 कठ्ठा
धरमपुरा के अवध सिंह – 06 कठ्ठा
धरमपुरा के गोरेलाल पाण्डेय – 05 कठ्ठा।

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