कलाल-एराकी जाति के महासम्मेलन में उठी अतिपिछड़ा वर्ग की मांग।

 

रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)

जमुई:-शहर के शगुन वाटिका में रविवार को अंजुमन एराकी बिहार के तत्वावधान में कलाल-एराकी जाती का एक दिवसीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता अफाक आलम उर्फ गुड्डू ने की। जबकि मंच का संचालन मो. महबूब आलम के द्वारा किया गया। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में अंजुमन एराकी के संयोजक जनाब अबुल फराह मौजूद थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली न्यायालय के अधिवक्ता हरीश अहमद मिन्हाज, पटना से हसरत हुसैन, कोलकता से असलम जब्बार, जहानाबाद से मो. अली कलाल और गया से अफाक अख्तर मौजूद थे। मुख्य अतिथियों ने महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के कलाल-एराकी जाति का चहुमुखी विकास करने और अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल करने का मांग बिहार के मुख्यमंत्री से की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस जाति का धनत्व ज्यादा होने पर भी इस जाति के लोगों को अपना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि हमें और आपलोगों को इस जाति को ऊपर उठाने के लिए लगातार कार्य करते रहना पड़ेगा तब जाकर सही न्याय मिल पाएगा। मौके पर अधिवक्ताओं ने कहा कि आज से ही अपने जिले के हर एक गांव और पंचायत का भ्रमण करें और लोगों की समस्या को सुलझाने का काम करें। इस अवसर पर अतिथियों ने पटना में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय महासम्मेलन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल होने का भी अपील किया। इस अवसर पर सम्मेलन को संबोधित करने वालों में कामरान आशिफ, मो. खुर्शीद, मो. साजिद, प्रो. नेशार, प्रो. एयुब, मो. अफसर शामिल थे। जबकि सम्मेलन में मो. कल्लू, सोनू, गुड्डू, मो. बेलाल, शहबाज, मंजूर वकील, छोटू, अनवर, प्रवेश सहित काफी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।

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