कला व विज्ञान प्रदर्शनी एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन

ब्यूरो रमेश शंकर झा,समस्तीपुर बिहार।
समस्तीपुर:- जिले के कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र के बिरसिंहपुर पंचायत स्थित संत पाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के सभागार में कला एवं विज्ञान प्रदर्शनी तथा “अपराजिता” नामक पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अध्यक्ष उमाचरण प्रसाद सिंह (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, बिरसिंहपुर उच्च विद्यालय) के अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुनेश्वर यादव (सी०सी०डी०सी०) मिथिला विश्वविद्यालय) थे। वहीँ कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रिचा सिन्हा के द्वारा किया गया। मंच पर रतन चौधरी (डी०एस०डब्ल्यू०, मिथिला विश्वविद्यालय), डॉ विनय चौधरी (एच०ओ०डी०, एजुकेशन, मिथिला विश्वविद्यालय), ए०पी० सिंह (एच०ओ०डी०, संत पाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज), डॉ० रोली द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, संत पाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज), अविनाश कुमार सिंह (सचिव, संत पाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज) मंच पर उपस्थित थे। सर्वप्रथम संस्था के सचिव अविनाश कुमार सिंह के द्वारा मुख्य अतिथि मुनेश्वर यादव का स्वागत गुलदस्ता देकर किया गया। तत्पश्चात बच्चों द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया, फिर मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में रवि कुमार ने कविता सुना कर तथा सुप्रिया ने फिल्मी गीत से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया जिसमें तबला पर संगत संजीव कुमार सिंह एवं हारमोनियम पर संगत अमित कुमार सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में ए० पी० सिंह (एच०ओ०डी०, संत पाल टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज) के द्वारा आज के विद्यार्थियों को अर्जुन एवं चंद्रगुप्त की तरह ज्ञान एकत्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि आप भविष्य के कृष्ण और चाणक्य होंगे। वहीं दूसरी तरफ उमाचरण प्रसाद सिंह के द्वारा आदर्श शिक्षा एवं शिक्षक पर बल देते हुए बताया गया की भविष्य में हमारा समाज आदर्श कैसे हो सके यह आज के आदर्श शिक्षा और शिक्षक पर निर्भर करता है। वहीं मिथिला विश्वविद्यालय के डॉ० विनय कुमार चौधरी ने आज के कथनी ‘कहीं कुछ नहीं तो शिक्षक बन जाइए’ इस विचारधारा को बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीँ आज के विद्यार्थी पुस्तकों के बजाय गेस पेपर पर आधारित हो गए हैं जो कि गलत है इसके लिए “लेसन प्लान” बदलने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुनेश्वर यादव ने रोजी-रोटी एवं शिक्षा के संबंध पर बल देते हुए कुशल समाज की कामना पर बल दिया है। तत्पश्चात मुख्य अतिथि के द्वारा “अपराजिता” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक के संपादक मनोज कुमार ने इस पुस्तक का समाज पर होने वाले बदलाव पर जोर दिया है। जिसमे विनय कुमार चौधरी के द्वारा कला एवं हस्तकला के लिए नरेंद्र जी को तथा संगीत के लिए संजीत जी को सम्मानित किया गया। वहीं मुनेश्वर यादव के द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में चंद्रयान-2 के लिए रवि कुमार, मनोरंजन कुमार, एवं राफेल के लिए शिवांगी, सीमा कुमारी तथा पावर हाउस के लिए नेहा कुमारी को सम्मानित किया गया। कला के लिए विनय कुमार चौधरी द्वारा नेहा कुमारी, आरती कुमारी, स्वाति प्रिया एवं हस्तकला के लिए नदीम अहमद के द्वारा स्वाति प्रिया, शिवांगी, साधना कुमारी तथा रंगोली के लिए ग्रुप 7, ग्रुप 10, ग्रुप 3 एवं निबंध लेखन के लिए सचिव अविनाश कुमार सिंह द्वारा रामबाबू कुमार, शालिनी एवं पुष्पा कुमारी तथा कपड़े पर कला के लिए शिक्षा भारती को सम्मानित किया गया।

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