कुख्यात के दहशत से ग्रामीण कर रहे पलायन

क्राईम रिपोर्टर
जमुई: कई कांडों में नामजद कुख्यात सुभाष कुमार उर्फ वीरप्पन का दहशत सदर थाना क्षेत्र के काकन गांव में जोरो पर है। स्थानीय लोग किसी अनहोनी की आशंका से भय के माहौल में है। स्थानीय प्रशासन के ढूलमूल रवैये से गांव के कई लोग अपराधी के दहशत से घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर है। बताया जा रहा है कि वीरप्पन नाम के अपराधी की दहशत से ग्रामीण रामानंद सिंह गांव से पलायन कर चुके हैं। खबर है कि उनसे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगा गया था। वहीं कुछ महीने पहले ब्रह्मदेव पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसको लेकर केस से नाम उठाने की धमकी लगातार दी जा रही थी। खबर ये भी है कि देवन पंडित भी घर छोड़कर गांव से बाहर चले गए। उसी तरह गांव के नेहाल मियां, अशरफ मियां भी घर मे ताला लगा कर महीनों से गायब हैं। गांव के लगभग एक दर्जन लोग विरप्पन नाम के कुख्यात के दहशत से गांव छोड़ चुके हैं। जिसपर जिला प्रशासन की नज़र अभी तक नहीं गयी है। गांव में रह रहे लोग आज भी दहशत के साये में जीने को विवश हैं। बताया जाता है कि पुलिस वीरप्पन को गिरफ्तार करने के लिए कई बार छापेमारी कर चुकी है। लेकिन पुलिस को निराशा ही हाथ लगी है और खाली हाथ लौटना पड़ा है। पुलिस को चकमा देकर विरप्पन हमेशा भागने में कामयाब रहा है। इसकी वजह है काकन गांव के कुछ सूत्र बताते हैं कि जब पुलिस वीरप्पन की तलाश में काकन की ओर जाती है तो उसी वक़्त वीरप्पन को पुलिस के आने की सूचना मिल जाती है। जबतक पुलिस काकन गांव पहुंचती है तब तक शातिर सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाता है। और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ता है। हालांकि विरप्पन को अपराधी बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि गांव के ही कुछ लोग शामिल हैं। जिसे संक्षरण देकर विरप्पन के बढ़ते अपराध को गति दी जा रही है। सूत्रों की माने तो विरप्पन अपनी वर्चस्व जमाने को लेकर सीधे-साधे ग्रामीणों को हथियार का भय दिखाता है और आये दिन हमेशा हवाई फायरिंग करते रहता है। इतना ही नहीं सारे ग्रामीणों को घर छोड़ने व गांव से बाहर जाने की धमकी देते रहता है। इसी धमकी का विरोध करने पर ललन कुमार के ऊपर भी दो महीने पहले चलाई थी गोली। लेकिन इस गोलीबारी में ललन बाल-बाल बच गए थे। वहीं गणतंत्र दिवस पर भी सतायन उच्च विद्यालय में गोलीबारी कर शिक्षक व बच्चों के बीच दहशत फैलाई थी। जिसको लेकर लखापुर के ग्रामीण पहुँचे तो विरप्पन बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने विरप्पन की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। खबर है कि काकन गांव की मुखिय पति का विरप्पन को पूरा सहयोग मिलता है और विरप्पन कोई जुर्म करता है तो उसका समझौता जोधी महतो ही लेन-देन से करता है। हालांकि सूत्रों की माने तो कुछ वर्ष पहले मुखिया पति का एक हाथ बम के फटने से उड़ गया था। वहीं बचे ग्रामीण दहशत के प्रकोप से निजात की आस लगाए बैठे हैं। अब देखना है कब तक ग्रामिणों को घूट-घूट कर जीने को विवश होना पड़ता है।

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