कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली समेत विवि के आधे से अधिक सरकारी नंबर या तो बंद या पहुंच से बाहर

— दूरदराज से संपर्क कर आने वाले किसानों को होती है परेशानी। 

— जिला समेत संपूर्ण बिहार के किसानों के लिए कृषि मेला में किसान डायरी के जरिए होता है नंबरों का प्रसारण।
रिपोर्ट;प्रो सुभाष चन्द्र कुमार [ विशेष संवाददाता ]
समस्तीपुर;-पूसा, डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा लगातार कृषि शोध एवं किसानों के हित में काम करता हुआ दिखाई दे रहा है। कृषि शोध एवं कृषि तकनीकों के विकास मैं विश्वविद्यालय लगातार प्रगतिशील दिखाई दे रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति लगातार बेहतर कार्य करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को प्रेरित करते रहते हैं। लेकिन दूसरी ओर विश्वविद्यालय के प्रमुख अधिकारियों, पदाधिकारियों, वैज्ञानिकों का मोबाइल नंबर प्रत्येक साल विश्वविद्यालय द्वारा बड़े लागत से आयोजित होने वाले कृषि मेला में आधुनिक किसान डायरी के जरिए सार्वजनिक करती हैं। जिसे दूर दराज से आए किसान साथ ही स्थानीय किसान भी खरीदते हैं।

लेकिन इस बार किसानों के हाथ निराशा लगी जब उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ आर के तिवारी के अधिकारिक नंबर 94 1174 8711 पर बात करना चाहा। उन्हें निराशा हाथ लगी। वैशाली जिला के प्रगतिशील किसान राजीव कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान से ही संपर्क करने का मैं प्रयास कर रहा था। लेकिन कभी रिचार्ज खत्म तो कभी पहुंच से बाहर बता रहा था यह नंबर।

इस तरह के परेशानी का सामना किसान कर रहे होंगे केवल और केवल अधिकारी के लापरवाही के चलते। इस बाबत विश्वविद्यालय के सूचना पदाधिकारी से पूछे जाने पर बताया की सभी किसानों से निवेदन है कि वे किसान काल सेंटर के नंबर पर फोन करें। यह सभी कार्य दिवस में दस से पांच बजे तक काम करता है। किसी कारण वश किसी विशेष वैज्ञानिक का मोबाइल बंद हो सकता है या वे किसी जरूरी काम में उलझे हो सकते हैं। किसान काल सेंटर के माध्यम से उस वक्त जो वैज्ञानिक फ्री होते हैं उनसे बात करा दी जाती है।

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