कैद है मीडिया,जनता है विवश, बैठें धरना पर, मनाएं काला दिवस

ब्यूरो रमेश शंकर झा,समस्तीपुर बिहार।
समस्तीपुर:- जिले के रालोसपा पार्टी द्वारा बिहार की लचर स्वास्थ्य व शासन-प्रशासन व्यवस्थाओं के कारण एवं कोविड१९ (Covid19) संकट व इससे उत्पन्न समस्याओं से निपटने में नाकाम साबित हो रही है बिहार की निरंकुश सरकार तथा सरकार द्वारा मीडिया पर प्रतिबंध करने के कारण राज्यव्यापी धरना देकर काला दिवस मनाया गया। वहीँ समय दोपहर 10 बजे से 12 बजे तक राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर रालोसपा प्रदेश महासचिव बेलाल राजा अपने साथीयों के साथ सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए वारिसनगर विधानसभा अन्तर्गत सतमलपुर में काला दिवस मनाया गया। इसके साथ ही सरकार से पांच सूत्री मांग भी सरकार के समक्ष रखी हैं।

रालोसपा की पांच सूत्री मांग:-

०१. बिहार से बाहर फंसे मजदूरों जो घर वापसी चाहते हैं उन्हें बुलाने की त्वरित कार्यवाही की जाए तथा जो स्वच्छ से वहाँ रुकना चाहें, उनके खाते में ही उतनी रकम डाल दी जाए जीतनी उनको ट्रेन से लाने, क्वारैंटाइन आदि करने पर खर्च हो जाता है। यह खर्च सरकारी आंकड़े व घोषणाओं के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति पर कम से कम 10000/रु० का होता है। अथार्थ प्रति व्यक्ति 10000/रु० की राशि सभी के खाते में डालने की व्यवस्था की जाए। ०२. बिहार में रह रहे वैसे लोग, जिनके खाते में अबतक मात्र 1000/ रुपये दिया गया है, उन्हें दूसरी क़िस्त की राशी भी अतिशीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। ०३. राज्य में रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए। ०४. किसानों की नुकसान की भरपाई हेतु ठोस, पर्याप्त एवं त्वारित करवाई की जाए। ०५. क्वारेंटीन सेंटर से खबर संग्रहित करने से मीडिया कर्मियों को प्रतिबंधित करने, लोकतंत्र विरोधी आदेश को अविलंब वापस लिया जाए।

बिहार सरकार की लचर स्वास्थ्य व शासन-प्रशासन व्यवस्थाओं के कारण Covid19 संकट व इससे उत्पन्न समस्याओं से निपटने में नाकाम साबित हो रही है। इस कारण रालोसपा पार्टी अपनी पांच सूत्री मांगों के साथ राज्यव्यापी काला दिवस धरना व सत्याग्रह के रूप में मानाया है। इस मौके पर रेयाज शैख, महफूज आलम, सरफुद्दीन आलम, नवीन कुमार, सुमित सिंह राजपूत, मनीष कुशवाहा, मो० शाजिद इत्यादि लोग उपस्थित थे।

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