कोरोना काल में फिर मदद के लिए आगे आए फरहान अख्तर, रोजाना 1000 थालियां हो रहीं डिस्ट्रीब्यूट

अभी हाल ही में दिसंबर के महीने में ही फरहान अख्तर ने वाराणसी के एक स्थानीय पुजारी और उनके परिवार की बड़ी मदद करते हुए उनका घर बनवाकर दिया था। अब जब देश वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है, ऐसे में अभिनेता-फिल्म निर्माता उत्तर प्रदेश के शहर में कोविड प्रभावित परिवारों और देखभाल करने वालों की मदद में आगे आए हैं।

होप फॉर वेलफेयर ट्रस्ट के साथ फरहान का काम जारी 
फरहान ने नॉन-फॉर-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन- होप फॉर वेलफेयर ट्रस्ट के साथ काम करना जारी रखा है। उनके दान का उपयोग इस मुश्किलभरे हालात में रोगियों और देखभाल करने वालों को खिलाने के लिए किया जा रहा है। एनजीओ के सेक्रेटरी दिव्यांशु उपाध्याय ने साझा किया कि इन दान का उपयोग न केवल वायरस संक्रमित रोगियों को खिलाने के लिए किया जा रहा है, बल्कि वाराणसी में हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका श्मशान घाटों पर काम करने वाले लोगों के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने साझा किया, “होप टीम में से आठ लोग शहर में हर दिन 1000 थालियों का वितरण कर रहे हैं। प्रत्येक थली में चावल, दाल, रोटी, सब्जी, सलाद और बिस्कुट हैं। यदि हम दिन में अस्पतालों में भोजन वितरित करते हैं, तो हम रात में श्मशान घाट पर ध्यान केंद्रित करते हैं। फरहान सर हमेशा हमारी जरूरत के समय में हमारे साथ खड़े रहे हैं और हम इन कठिन वक़्त में उनके योगदान के लिए आभारी हैं।”

अभिनेता ने संकट में फसे लोगों के कल्याण के लिए गुप्त रूप से और सक्रिय रूप से योगदान दिया है। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज और एनआईएस क्वालिफाइड कोच की मदद की थी, जो कि अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, ऐसे में, फरहान ने उन्हें इच्छुक युवाओं को मुक्केबाजी की कोचिंग देने का अवसर दिया। पिछले साल, उन्होंने सरकारी अस्पतालों के हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए 1000 पीपीई किट वितरित की थी।

एनजीओ सेक्रेटरी ने यह भी साझा किया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से फरहान तक अपनी आवाज़ उस वक़्त पहुंचाई थी जब शहर में कोविड के मामलों में वृद्धि देखने मिली और अभिनेता तुरंत अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मदद करने के लिए तैयार थे। एनजीओ द्वारा कोविड-रिलीफ़ के प्रति काम करना जारी है, जिसमें रोगियों को ऑक्सीजन सिलेंडर खोजने में मदद करना व इस मुश्किल वक़्त में दवाओं और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं की व्यवस्था करना शामिल है।

 

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