कोरोना संक्रमित महिला गौरब जांच घर में कराई अल्ट्रासाउंड,मचा हड़कंप

गौरव जांच घर को किया गया सील, 8 कर्मियों को किया गया क्वारंटाइन

-जांच कराने पहुंचे 44 मरीजों की तालाश में जुटा स्वास्थ्य विभाग

-मुंगेर की रहने वाली है संक्रमित महिला

-19 अप्रैल को कराई थी अल्ट्रासाउंड

-इलाज के दौरान पटना में महिला पाई गई पॉजिटिव

रिपोर्ट, मु. अंजुम आलम, जमुई (बिहार)
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जमुई: कोरोना संक्रमण मामले में अबतक ग्रीन जिला के लिस्ट में अग्रसर जमुई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। अबतक जमुई कोरोना संक्रमण से सुरक्षित है परंतु अब मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमित लखीसराय की एक महिला 19 अप्रैल को स्वजन के साथ जमुई पहुंची थी। शहर के खैरा मोड़ के समीप गौरव जांच घर में अल्ट्रासाउंड कराई थी। उसके बाद महिला को इलाज के लिए पटना ले जाया गया था। जहां इलाज के दौरान जांच करने पर 24 अप्रैल को महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई। बताया जाता है कि महिला के पेट में दर्द था और जॉन्डिस की भी शिकायत बताई जा रही है।
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-मुंगेर की रहने वाली है संक्रमित महिला, अपनी बेटी के पास लखीसराय आई थी महिला

संक्रमित महिला मुंगेर जिले के एक गांव की रहने वाली है जो अपनी पुत्री के यहां लखीसराय आई थी। बताया जाता है कि लखीसराय के गुणसागर और सत्संडा गांव में महिला ने अपनी दो पुत्री का विवाह किया था। इसलिए अपनी बेटी के ससुराल महिला आई थी जहां उसे पेट में दर्द हुआ उसके बाद एक आशा कार्यकर्ता द्वारा लखीसराय स्थित डॉ सुरेश सारण के निजी क्लीनिक पर इलाज के लिए लाया गया था।
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-आशा द्वारा जांच के लिए महिला को लाया गया जमुई

लखीसराय के चिकित्सक सुरेश शरण द्वारा दवा देने के बावजूद जब पेट के दर्द में कमी नहीं हुई तो उसे अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। उसके बाद गांव के ही आशा कार्यकर्ता द्वारा अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए गौरव जांच घर जमुई लाया गया जहां अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद फिर वापस डॉक्टर सुरेश शरण के यहां ले जाया गया जहां चिकित्सा के द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। उसके बाद उसे आईजीएमएस में भर्ती कराया गया था। जहां जांच के दौरान 24 अप्रैल को महिला का रिपोर्ट पॉजिटिव आया।
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-कोरोना के खौफ की वजह से आईजीएमएस से महिला हुई थी फरार

आईजीएमएस पटना में भर्ती कराने के बाद चिकित्सक द्वारा जांच पड़ताल शुरू किया जा रहा था कि इसी बीच किसी ने महिला को जांच से पहले ही कोरोना का खौफ दिखा दिया जिससे महिला कुछ दिन पहले अस्पताल से भाग गई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी से पुलिस द्वारा रास्ते से महिला को हिरासत में लेकर फिर दुबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया तब सैंपल जांच के लिए भेजा गया और रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया।
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-कहते हैं सिविल सर्जन

सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी ने बताया कि पटना से सूचना मिलने के बाद फौरन गौरव पैथोलॉजी लैब को बंद कराया गया है। पूरे लैब को सैनिटाईज कर सील कर दिया गया है। तत्काल उसमें कार्यरत 6 कर्मियों को क्वारंटाइन किया गया है। पंजी रजिस्टर की भी जांच की जा रही है। संक्रमित के संपर्क में आने वाले सभी लोगों का जांच कराया जाएगा। फिलहाल 8 लोगों का सैंपल पटना भेजा गया है। रिपोर्ट के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-गौरव जांच घर के पास रास्ते को किया लॉक

कोरोना संक्रमण की आहट से जिला प्रशासन द्वारा खैरा मोड़ स्थित गौरब जांच घर आने-जाने वाले रास्ते को सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन द्वारा लॉक कर दिया गया। बांस बल्ला लगाकर रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। इधर क्वारं टाइन 8 लोगों के साथ 19 संदिग्ध का सैंपल पटना भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की भी नजर रिपोर्ट पर टिकी हुई है। बता दें कि अबतक कुल 196 संदिग्ध का सैंपल भेजा गया है जिसमें 151 संदिग्ध का रिपोर्ट निगेटिव आया है।

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