गोली मारकर की गई थी अमृत भुल्ला की हत्या:- शंभु शरण

 

रिपोर्ट, मो. अंजुम आलम, जमुई (बिहार)

जमुई:- पुलिस की गोली से खैरा थाना क्षेत्र के अमृत भुल्ला की हत्या होने मामले की जांच को लेकर शहर के कचहरी चौक पर सोमवार को भाकपा माले के सदस्यों ने एक दिवसीय धरना दिया। धरना का नेतृत्व करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव शम्भु शरण ने कहा कि गोली गांव निवासी अमृत भुल्ला जो गरीब मजदूर था। जो गिरिडीह जिला के तीसरी थाना के नैय्याडीह गांव में अपने फुआ के यहां रह कर मजदूरी करता था। जिसे 207 कोबरा बटालियन ने 4 जनवरी को नक्सली के आरोप में गिरफ्तार कर देर शाम गोली गाँव लाया गया और फिर अगले दिन 5 जनवरी को सुबह 8 बजे के आस पास अमृत भुल्ला को साथ में लेकर गोली गाँव पहुंचा।दिन भर पहाड़ व जंगल की सैर कराने के बाद मरजो पहाड़ के एक गुफा में ले जाया गया ओर उसके बाद बारी- बारी से 13 रॉन्ड गोली एवम जहरीला गैस का प्रयोग कर उसकी हत्या कर दी गई।
इस मौके पर उपस्थित आइसा के राज्य उपाध्यक्ष बाबू साहब ने कहा कि पुलिस बेगुनाह को अपना शिकार बनाती है और दोषी खुलेआम घूमते हैं। निर्दोष गरीब जो मेहनत कर अपनी श्रम बेच कर अपने परिवार का भरण- पोषण करते है वैसे लोगो को नक्सली बता कर पुलिस उसकी हत्या कर अपनी नाकामयाबी को छुपा रही है।
मौके पर ऐक्टू जिला प्रभारी बासुदेब रॉय ने कहा कि माओवादी के नाम पर पुलिस गरीब मजदूर आदिवासी को पड़ताडित कर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दमन और जुल्म कर रही। उन्होंने मृतक के परिवार को 10 लाख का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही भाकपा के सदस्यों ने हत्या करने वाली पुलिस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग सरकार से की है। सदस्यों ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई और मुआवज़ा नहीं दिया गया तो भाकपा माले सड़क से सदन तक उग्र आन्दोलन करेगी। धरना में मौके पर अमृत भुल्ला की पत्नी सुनीता देवी, माँ जसोदा देवी, संजय, चूरन कोड़ा, महेंद्र राय, करू राय, फुलिया देवी, छाबु माँझी,कैलाश माँझी,सहित बड़ी संख्यां में लोग उपस्थित थे।

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