ग्रामीण बैंक से अपराधियों ने पिस्तौल के नोक पर एक लाख 64 हजार रुपये लूटा

 

रिपोर्ट;उमेश कुमार बिप्लवी ,हाजीपुर।
वैशाली;- जिले में बैंक लुट की घटना दिन प्रति दिन बढ़ती जा रहा है।अपराध का ग्राफ घटने का नाम नहीं ले रहा। अपराधियों का मनोबल उँचा होता जा रहा है।सोमवार को जिले भगवानपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों का हौशला इतना बढ़ गया है कि किसी भी आपराधिक घटनाओं में अंजाम देने में नही हिचकते ।पिछले 29हाजीपुर नबंवर को हाजीपुर मुज़फ़्फ़रपुर एन एच 22 पर शुबह शुबह एक अपाचे एवम एक हेरोहोण्डा मोटरसाइकिल पर सवार छह अपराधियो ने भागवानपुर के वालिशपुर पेट्रोलपंप पर मुज़फ़्फ़रपुर की ओर से पहुचता है।नोजल मैन को पिस्टल के बल पर कब्जे में लेकर मैनेजर से काउंटर खोलवाता है तथा फिल्मी स्टाइल में मैनेजर के कैश काउंटर से दो लाख से अधिक की राशि लूट कर चलते बनते है।सभी अपराधियो के हाथ मे पिस्टल एवम शस्त्र थे , भागने के  क्रम में नोजेल मैन के जेब से भी बिक्री के पैसे लूट  लिए।लूट के बाद  मुज़फ़्फ़रपुर की ओर भाग चले।घटना की सूचना पर भगवानपुर थानाध्यक्ष दल बल के साथ पहुच जानकारी ली।प्राप्त समाचार के अनुसार इससे एक बार पूर्व भी उक्त पंप से करीब छह लाख रुपये की लूट हो चुकी है फिर भी पंप पर लगे कैमरे आखिर बंद क्यो पर है इसका कोई जबाब देने को तैयार नही है।हाजीपुर मुज़फ़्फ़रपुर एन एच 22 पर ही गोढिया स्थित एस बीआई के ग्राहक सेवा केंद्र से पिस्टल का भय दिखा कर करीब 9 माह पूर्व 2 लाख पंद्रह हजार रुपये  लूट लिए थे उससे तीन चार माह पहले वालिशपुर स्थित हीरो होंडा एजेंसी को लूट लिया था जिसमे  संचालक दिलीप साह के अंगूठी, सीकरी सहित एक ग्राहक का भी 60 हजार रुपये लूट लिया था।छह माह पहले गौतम गैस एजेंसी भगवनपुर को लूटने के प्रयास में  दो लूटेरे पकड़े गए थे।वही  24  सितंबर 18 को सराय के अररी में  एक फाइनेंस कर्मी विद्दुपुर के विशुनपुर राजखण्ड के  विमल सिंह के पुत्र  अमन को लूट के दौरान अपराधियो ने हत्या कर दिया था। इस प्रकार अपराधियो ने खुलेआम पुलिस को चुनौती देते हुए यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस सुस्त अपराधी दुरुस्त।
दूसरी ओर वयवसायिक बैंकों, संगठनो या निजी बैंकों में आखिर सुरक्षा गार्ड को क्यो नही रखा जाता है,आज भी उतर विहार ग्रामीण बैंक में लूट की जो घटना घटित हुई उस वक्त न तो बैंक के प्रबंधक थे और न ही कोई सुरक्षा गार्ड, आखिर क्या कारण है अगर सुरक्षा गार्ड नही था तो क्या प्रबंध द्वारा इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी गयी या फिर स्तानीय पुलिस प्रशासन की दी गयी,इसके जबाब कोई भी बैंक कर्मी देने को तैयार नही।

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