घोषणाओं के बाद रीयल इस्टेट सेक्टर के शेयरों में उछाल आया


अंतरिम बजट में सरकार ने सीधे तौर पर उद्योगों को कोई राहत तो नहीं दी है, लेकिन किसानों, मध्यम वर्ग और कारोबारियों को मिली बड़ी राहत से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया। शुक्रवार को सुबह 9.15 बजे जब बाजार खुला तो 50 अंकों की बढ़त के साथ खुला, लेकिन अंतरिम बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री जननिधि सम्मान योजना और व्यापारियों को ब्याज में छूट और अंत में पांच लाख तक की सालाना आय को टैक्स से छूट देने की घोषणा के बाद बाजार में 500 अंकों का उछाल आया।
गौरतलब है कि सरकार ने मई 2014 से लेकर अब तक पांच पूर्ण बजट पेश किए, लेकिन इनमें तीन बजट के दौरान बाजार में मायूसी रही और सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट देखी गई। मोदी सरकार ने दस जुलाई को जब वर्ष 2014-15 का बजट पेश किया तो सेंसेक्स 72 अंक नीचे आया। जबकि एक फरवरी 2018 को जब एक फरवरी को बजट पेश किया गया तो सेंसेक्स 58.35 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। मोदी सरकार में इससे पहले बाजार के लिए वर्ष 2015-16 का बजट बेहतरीन रहा। तब 28 फरवरी को पेश हुए बजट के बाद सेंसेक्स 517 अंकों की उछाल पाई।
आवासीय क्षेत्र में आम आदमी के लिए कैपिटल गेन, टीडीएस जैसी बड़ी घोषणाओं के बाद रीयल इस्टेट सेक्टर के शेयरों में उछाल आया। वित्त मंत्री द्वारा अगले पांच साल में एक लाख डिजिटल गांव बनाने की घोषणा के बाद एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस जियो के शेयरों में उछाल आया। फिल्म निर्माताओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के ऐलान से मुक्ता आर्ट्स, इरोज इंटरनेशनल, आईनॉक्स जैसी मनोरंजन कंपनियों के शेयर में तेज बढ़ोतरी हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 19 हजार करोड़ के आवंटन से हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी समेत निर्माण क्षेत्र की परियोजनाओं में एक से दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

Comments are closed.