चावल जब्ती मामले में फंसेंगे दोषी पदाधिकारी

अमानुल हक की रिपोर्ट
बेतिया: बेतिया के छोटा रमना स्थित मनोकामना ट्रेडर्स के सतवरिया स्थित गोदाम से 119 बोरा चावल जब्त करने के मामले में पटना उच्च न्यायालय ने जब्ती करने में शामिल अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया है। पटना उच्च न्यायालय में व्यवसायी धर्मेश कुमार द्वारा दायर वाद में न्यायामूर्ति ने अपने आदेश में कहा है कि कोर्ट के पास कई ऐसे मामले आए है जिसमें चावल व गेहूं जब्ती के मामले में रूढ़िबद्ध आरोप लगाकर जब्त किया जा रहा है। ऐसा इस मामले में भी देखा गया है। उन्होंने जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि अगर व्यवसायी की जब्त चावल को बेच दिया गया है तो प्रशासन द्वारा बेचे जाने के बाद प्राप्त की गयी राशि चावल मालिक को लौटा दें। वहीं चावल मालिक कानूनी तौर पर इस मामले में हुए हानि के लिए दावा कर सकता है। वहीं इस मामले में एर्फआईआर दर्ज कराने वाले उन दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जो इसके लिए जिम्मेवार है। मामला यह है कि 17 अगस्त 2013 को तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सतवरिया गांव में मदन प्रसाद के गोदाम से 119 बोरा चावल को जब्त किया था। आरोप था कि चावल मध्याह्न भोजन का है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन पुलिस की जांच में मामला मध्याह्न भोजन का नहीं निकला था।

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