चिकित्सक हुए क्वारंटाइन तो परिजन ने एसएनसीयू में किया हंगामा

रिपोर्ट, मो. अंजुम आलम, जमुई (बिहार)
जमुई: सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात की स्थिति नाजुक होने के बाद डयूटी पर तैनात चिकित्सक के आने में विलंब होने को लेकर स्वजन आक्रोशित हो गए और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बवाल काटते हुए लापरवाही का आरोप लगाया। एसएनसीयू में भर्ती
नवजात के परिजनों में मंझवे गांव की पूजा देवी, सिकंदरा की रिंकू देवी, तारडीह की सुलेखा देवी और लक्ष्मीपुर की रूपा देवी शामिल हैं। उनलोगों ने बताया कि अहले सुबह चिकित्सक द्वारा बच्चों का जांच किया गया था। लेकिन दिन में अचानक बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। बच्चों की स्थिति खराब होने की वजह से डयूटी पर तैनात डा. अजय कुमार को परिजनों ने बुलाने की मांग करने लगे। लेकिन बार-बार चिकित्सक को फोन करने के बावजूद भी चिकित्सक नवजात को देखने नहीं पहुंचे। बच्चों की स्थिति गंभीर होने के कारण परिजनों में आक्रोश उत्पन होने लगा। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे। लेकिन फिर भी डयूटी पर तैनात चिकित्सक बच्चों को देखने नहीं पहुंचे। वहीं परिजनों के आक्रोश होने की सूचना मिलते ही सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा. सैयद नौशाद अहमद ने सदर अस्पताल में मौजूद डा. अरविन्द कुमार को नवजात शिशु देखभाल केंद्र भेज कर बच्चों की जांच कराया। बताया जाता है फिलवक्त सभी बच्चों की स्थिति ठीक है। जबकि डॉ. अजय कुमार ने बताया कि वे कोरोना संक्रमण को लेकर घर में क्वारं टाइन हैं। उनका सैंपल जांच के लिए पटना भेजा गया था।
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-कहते हैं उपाधीक्षक

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सैयद नौशाद अहमद ने बताया कि डयूटी होने के बावजूद अगर चिकित्सक केंद्र नहीं पहुंचे है तो वैसे चिकित्सक पर जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इमरजेंसी में तैनात डॉ. अरविंद कुमार द्वारा बच्चे का इलाज किया गया है।

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