चैकीदार की चैकसी से भ्रष्टाचारी बौखलाये: मोदी


ऋषी तिवारी
गुवाहाटी | असम में चांगसारी के अमीनगांव में नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है और हमें भारत के संसाधनों पर कब्जा करने के इरादे घुसने वाले और अत्याचार के कारण अपना घर बार छोड़ने पर मजबूर लोगों का फर्क समझना चाहिए। बिना जांच-पड़ताल और राज्य की सिफारिश के बिना किसी को नागरिकता नहीं दी जाएगी। यही नहीं, असम से भारत रत्न विजेता भूपेन हजारिका और गोपीनाथ बारदोलोई को दशकों तक सम्मान न मिलने पर उन्होंने कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला।
नागरिकता बिल पर पीएम मोदी ने कहा है कि यह सिर्फ असम और नॉर्थ-ईस्ट के लिए नहीं है, बल्कि देश के अनेक हिस्सों में मां भारती पर आस्था रखने वाले, भारत माता की जय बोलने वाली ऐसी संतानों के लिए है जिनको अपनी जान बचाकर मां भारती की गोद में आना पड़ा है। चाहे वे पाकिस्तान से आएं हों या अफगानिस्तान से। 1947 से पहले वे सभी भारत का हिस्सा थे, आस्था के आधार पर देश का विभाजन हुआ तो उन देशों के अल्पसंख्यक, हिंदू, जैन, सिख, पारसी, ईसाई ऐसे लोग वहां रह गए थे। उनके साथ जो हुआ, उनसे मिलोगे तो पता चलेगा।
उनको सरंक्षण देना हिंदुस्तान का कर्तव्य है। मैं नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को भरोसा देता हूं कि इससे असम और उत्तर-पूर्व के लोगों को कोई क्षति नहीं होने दूंगा। आवश्यक जांच-पड़ताल और राज्य सरकार की सिफारिश के बाद ही नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया जा सकता है। बिना जांच और राज्य की सिफारिश के नागरिकता देने का सवाल ही नहीं है। भारत सरकार सिटिजनशिप बिल के अलावा असम समझौते में में निहित 6 समुदायों को जनजाति का दर्जा देने पर काम भी कर रही है। इसके लिए राज्यसभा में बिल लाने का काम भी हमारी सरकार ने किया है। जिस तरह उनकी सरकार ने एससी एसटी और पिछड़ा वर्ग को नुकसान किए बिना सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिया है, उसी तरह नागरिकता बिल पर भी काम होगा।
पीएम मोदी ने कहा है कि जो दल, दलदल में डूबे हुए दल, महामिलावटी दल, भ्रम फैलाने में जुटे हैं उन्होंने 36 साल तक असम समझौते को लागू करने में ईमानदारी नहीं दिखाई। 36 साल हो गए हैं, कहां सो गए थे, कहां खो गए थे। जो लोगों अपने निजी स्वार्थ के लिए उनके साथ खड़े हैं उनका भी खुलासा करना चाहिए। इसलिए आपसे कहने आया हूं 36 साल पुरानी आपकी मांग मोदी सरकार पूरी करेगी।
उन्होंने कहा है कि आखिर ऐसा क्यों रहा कि कुछ लोगों के लिए जन्म लेते ही उनके लिए भारत रत्न तय हो जाता था और देश के मान-सम्मान के लिए जिन्होंने जीवन लगा दिया, उनको सम्मानित करने के लिए दशक लग जाते थे। BC और AD यानी बिफोर कांग्रेस और आफ्टर डायनेस्टी का ही गौरवगान करने वालों से मैं आज यहां से पूछना चाहता हूं कि आखिर आपने भारत के सच्चे रत्नों को न पहचानने का कुटिल खेल दशकों तक क्यों खेला?’
असम में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी बोले कि मैं पिछले काफी समय से देख रहा हूं कि हर रैली पिछली रैली का रेकॉर्ड तोड़ देती है।’ उन्होंने कहा कि पहले यहां के अखबारों में यही देखने को मिलता था कि असम को नजरअंदाज किया जा रहा है लेकिन अब पहली बार रेल कनेक्टिविटी या हवाई कनेक्टिविटी या फिर कहीं रेल-रोड ब्रिज के लोकार्पण वाली खबरें आती हैं। एनआरसी को अमल में लाने से पुरानी सरकारें बच रही थीं, उसमें हमने काम किया। तय समय पर प्रक्रिया पर काम होगा। मैं आप सभी से यह भी कहने आया हूं। नागरिकता से जुड़े कानून पर बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा रहा है। ऐसे लोगों को असम का मिजाज देखने की जरूरत है।’

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