झोलाछाप डॉक्टर ने किया गर्भाशय का ऑपरेशन, महिला की हुई मौत

इन दिनों जिले भर में फर्जी डिग्री धारी लोग डॉक्टर शब्द की गरिमा और प्रतिष्ठा को धूल में मिलाने में और इसे कलंकित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक साधारण व्यक्ति भी फर्जी डिग्री के साथ डॉक्टर की लक़ब लगाकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने पर तुले हुए हैं। ऐसा ही एक फर्जी चिकित्सक के करतूत का मामला प्रकाश में आया है। जहां बरहट थाना क्षेत्र के पनपुरबा गांव में शनिवार को अवैध रूप से संचालित प्रिया सेवा सदन में फर्जी डॉक्टर आर.कृष्णा द्वारा एक महिला के यूट्रेस यानि गर्भाशय का ऑपरेशन कर दिया गया।

उसके बाद महिला की हालत जब बिगड़ने लगी तो उसे ऑक्सीजन लगाने की बात कहकर पुष्पांजलि इमरजेंसी अस्पताल भेज दिया गया लेकिन स्वजन पैसे के अभाव में देर शाम उसे सदर अस्पताल लेकर आ गए जहां डॉ. देवेंद्र कुमार ने महिला को मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के गुगुलडीह गांव निवासी गौतम रावत की 25 वर्षीय पत्नी अंशु देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति ने बताया कि शनिवार को उनकी पत्नी अंशु देवी के पेट में अचानक दर्द उठा था उसके बाद उसे आनन-फानन में पनपुरबा गांव स्थित प्रिया सेवा सदन में भर्ती कराया गया जहां दर्द और बढ़ने के बाद उसे जल्द से जल्द ऑपरेशन करने की बात कहते हुए 20 हज़ार रुपया लिया गया। फिर ऑपरेशन के बाद मृत अवस्था में सदर अस्पताल भेज दिया गया।
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-बिचौलिया द्वारा आर.कृष्णा का दिया गया था पता

मृतका के पति गौतम रावत ने बताया कि 2 महीने से वे अपनी पत्नी का इलाज शहर स्थित निजी क्लिनिक में बड़े डॉक्टर के यहां करवा रहे थे। लेकिन अचानक दर्द उठने के बाद महिला के नैहर गिद्धौर के बंधौरा गांव के कुछ लोगों द्वारा सही इलाज होने की बात कहकर आर. कृष्णा के यहां भेजा गया था।
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-विवादों से रहा है पुराना नाता

तकरीबन 3 वर्ष पूर्व डॉ. आर.कृष्णा द्वारा शहर के बोधवन तालाब इलाके में भी अवैध क्लिनिक का संचालन किया गया था। जहां भी एक मरीज की मौत के बाद पूर्व सिविल सर्जन के निर्देश पर कार्रवाई कर क्लिनिक को सील किया गया था। उसके बाद ये अपनी दुकान पनपुरबा में चलाने लगे।
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-मुंगेर का रहने वाला है फर्जी डॉ आर. कृष्णा

बता दें कि फर्जी चिकित्सक डॉ. आर.कृष्णा मुंगेर जिले के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुरनाडीह में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। दूकान अच्छा-खासा चलने की बदौलत वे जमीन खरीद कर अपना मकान बना लिए हैं।
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-खुद फर्जी रहकर बेटी को भी दिया डॉ. का लक़ब

आर. कृष्णा खुद फर्जी डिग्रीधारी होकर अपनी दो बेटी प्रिया और रोजी को भी डॉक्टर का लकब दे दिया। वे अपने साथ मरीजों के इलाज के लिए लिए प्रिया और रोजी को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं।

-एएम की फर्जी डिग्री के साथ बोर्ड में लिखा एमबीबीएस और एमडी

एएम यानि अल्टरनेटिव मेडिसीन की डिग्री को बोर्ड में एमबीबीएस और एमडी लिख कर क्लिनिक का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा ने बताया कि यह कोई डिग्री ही नहीं है। पूरी तरह फर्जी है। जिसकी हक़ीक़त से कोई लेना देना नहीं है।

-घंटों फर्जी डॉक्टर और बिचौलिया के बीच चलता रहा ड्रामा

देर रात तकरीबन 12:30 बजे तक झोला छाप डॉक्टर और बिचौलिया के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। नतीजतन जब बात नहीं बनी तो आक्रोशित लोग शव को सदर अस्पताल से ऑटो पर लाद कर बरहट थाना की ओर कूच कर गए। दरअसल स्वजन के पक्ष से बिचौलिए द्वारा 10 लाख रुपए की डिमांड की गई थी। तोड़-जोड़ के बाद 7 लाख में बात तो बन गई थी लेकिन फर्जी डॉक्टर द्वारा चेक देने और किश्त में पैसे देने की बात कही गई थी। यह बात सुन स्वजन आक्रोशित हो गए और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने की ठान ली।

-कई झोला छाप डॉक्टर द्वारा संचालित हो रहा क्लिनिक

जिले भर में प्रखंडों के अलावा शहरों में भी कई ऐसे छोला छाप डॉक्टर हैं जो अवैध तरीके से क्लिनिक खोलकर धड़ल्ले से अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए हैं। मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का कई बार मामला प्रकाश में आया है इसके बावजूद विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। विभाग द्वारा सख्ती नहीं बरतने व कार्रवाई नहीं होने की वजह से वैसे झोला छाप डॉक्टर अवैध क्लिनिक के साथ फल-फूल रहे हैं।

-जांच व कार्रवाई के नाम पर की जाती है खानापूर्ति

बता दें कि तकरीबन 6 माह पहले विभाग द्वारा फर्जी क्लिनिक पर कार्रवाई कर सील करने का आदेश तत्कालीन सिविल सर्जन को दिया गया था। आदेश के मुताबिक जांच टीम भी गठित की गई। इतना ही नहीं अवैध रूप से संचालित तकरीबन 4 दर्जन से अधिक क्लीनिकों को भी चिन्हित किया गया था इसके बावजूद कार्रवाई आजतक कागजों में ही पड़ी हुई है।

-फर्जी व अवैध क्लिनिक पर होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जिले भर के सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सक को फर्जी और अवैध रूप से संचालित क्लिनिक को चिन्हित कर सूची देने का निर्देश पत्र के माध्यम से दिया जाएगा। सभी फर्जी चिकित्सक को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी फर्जी डॉक्टर अब नहीं बच पाएंगे।

डॉ. विनय कुमार शर्मा, सिविल सर्जन जमुई द्वारा बताया गया की मामला मेरे संज्ञान में आया है। मृतका के स्वजन द्वारा आवेदन दिया गया है। फर्जी डिग्री की जांच कर अवैध रूप से संचालित क्लिनिक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजवर्धन कुमार, थानाध्यक्ष बरहट,जमुई का कहना है की स्वजन द्वारा दिए आवेदन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल क्लिनिक में ताला लगाकर सभी लोग फरार हैं। छानबीन की जा रही है जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

डॉ. आर.कृष्णा,प्रिया सेवा सदन पनपुरबा,बरहट जमुई का कहना है की मैं आयुर्वेद का डॉक्टर हूँ, थोड़ा बहुत होमियोपैथ व आयुर्वेद की दवा देता हूँ,मैंने ऑपरेशन नहीं किया है। मेरे ऊपर लगाया गया सारा आरोप बेबुनियाद है। राजनीति के तहत कुछ लोग मुझे फंसाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। मैं भागा नहीं हूं अपनी पत्नी का इलाज करवाने के लिए बाहर आया हुआ हूँ।

 

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