टमटम चालकों के बीच नि:शुल्क ई- रिक्शा वितरण कार्यक्रम का सीएम ने किया शुभारंभ

रिपोर्ट: ब्यूरो, राम विलास, नालंदा, बिहार।
राजगीर;-मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पर्यटन केंद्र राजगीर के टमटम चालकों के बीच ई-रिक्शा का वितरण कर उनकी चिर प्रतिक्षित मांगे पूरी कर दी गयी है। इस अवसर पर उन्होंने राजगीर को इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित क्रम में राजगीर के 11 टमटम चालकों के बीच मंगलवार को ई-रिक्शा का वितरण किया गया। रिक्शा की चाभी ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार द्वारा टमटम चालकों को सुपुर्द किया गया। इसके अलावे 90 टमटम चालकों के बीच भी ई-रिक्शा का वितरण पहले दिन किया गया ।

राजगीर के 506 टमटम चालकों के बीच बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा निशुल्क ई-रिक्शा का वितरण किया जाना है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री कुमार द्वारा किया गया। एक ई रिक्शा की कीमत एक लाख 65 हजार है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगीर के प्राकृतिक, नैसर्गिक सौन्दर्य, अध्यात्मिक और पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ई-रिक्शा के परिचालन से राजगीर में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। ई-रिक्शा का परिचालन राजगीर के धरोहरों के परिभ्रमण और घोड़ाकटोरा मार्ग में किया जायेगा। घोड़ाकटोरा झील में भगवान बुद्ध की लगी प्रतिमा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। वहां का प्राकृतिक दृश्य अद्भुत और अविस्मरणीय है। बड़ी संख्या में सैलानी अब घोड़ाकटोरा पहुंचने लगे हैं।

वहां पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा पर्यटकों के लिए भवन का भी निर्माण कराया गया है। लेकिन रात्रि विश्राम की सुविधा नहीं है। दिन भर भ्रमण करने के बाद पर्यटकों को राजगीर वापस आना होगा और फिर कल सुबह से घोड़ाकटोरा का कार्यक्रम तय करना होगा। उन्होंने कहा राजगीर की पहचान सांस्कृतिक, प्राकृतिक, नैसर्गिक और अध्यात्मिक क्षेत्र में देश-दुनिया में अलग है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा इको टूरिज्म सेंटर के लिए किये जा रहे कार्यों की तारीफ की। उन्होंने बाल्मीकि नगर की चर्चा करते हुए कहा कि वहां का जंगल बड़ा और घना है। इसीलिए बाघों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।

राजगीर के आठ सीट वाले नये रोपवे की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे विश्व शांति स्तूप की स्वर्ण जयंती समारोह के मौके पर पिछले साल 26 अक्टूबर को ही चालू किया जाना था। लेकिन समय पर निर्माण नहीं होने के कारण उद्घाटन नहीं किया जा सका। आठ सीट वाले नए रोपवे का निर्माण कार्य आखिरी चरण में है। उन्होंने विश्वास दिल इसका शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा। नीतीश कुमार ने कहा कि जंगल क्षेत्र और घोड़ाकटोरा मार्ग में ई-रिक्शा का परिचालन होगा, जबकि अन्य इलाकों में टमटम चलाने पर कोई रोक नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि बोधगया की पहचान बोधि वृक्ष और महाबोधि मंदिर है। गया के फल्गु नदी में 500 मीटर तक रबड डैम का निर्माण कराया जायेगा। विष्णुपद मंदिर के महत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन और पिंडदान के लिए बड़ी संख्या में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को उससे बहुत सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि आज जल संसाधन विभाग के 68 सहायक अभियंताओं को नियुक्ति पत्र दी गई है। उन्हें विश्वास है कि जल संसाधन के क्षेत्र में अब और तेजी से कार्य होंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज पटना में मेट्रो निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। पटना मेट्रो का निर्माण कार्य पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे आम लोगों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि पटना में डॉल्फिन शोध संस्थान का शिलान्यास आज किया गया है। इसके अलावा जमुई में महावीर वाटिका का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल्मीकि नगर में कैबिनेट की बैठक इसी साल आयोजित की जानी थी। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना के कारण नहीं हो सका। महामारी समाप्त होने के बाद कैबिनेट की बैठक बाल्मीकि नगर में की जाने की इच्छा उन्होंने जताया।

उन्होंने बाल्मिकीनगर को भी इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इको टूरिज्म के विकास के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को आवश्यक निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पदाधिकारियों को बधाई दी। अपने कार्यकाल और सरकार द्वारा किए गए सभी विभागों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में बिहार आगे बढ़ रहा है।

सड़क, बिजली आदि के मामले में बहुत काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़कों का जाल बिछाया गया है। पटना – बख्तियारपुर फोरलेन सड़क को बख्तियारपुर से मोकामा तक निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार नूरसराय के सालेपुर से सिलाव तक नई सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस सड़क को सालेपुर से तेलमर होते हुए करौटा से जोड़ा जाएगा। तब पटना से राजगीर की दूरी मात्र 80 किलोमीटर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार का हर कोना पटना से जुड़ेगा और किसी भी कोने से पांच घंटे में पटना पहुंचने की सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के कैंसर के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए आईजीएमएस में कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना में काफी सुधार हुआ है। बावजूद कोरोना को लेकर सजग और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने हर व्यक्ति को कोरोना जांच का सुझाव दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के विकास में उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है। इसके बावजूद जनता मालिक है।

फिर मौका देगी तो और विकास का कार्य करूंगा। उन्होंने कहा वे और उनका दल बेटा-बेटी और भाई – भतीजा की पार्टी नहीं है। उनके लिए दल और संपूर्ण बिहार परिवार है। उनके द्वारा समाज के हर तबके और वर्ग के लिए काम किया गया है। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, विधान पार्षद रीना यादव, विधायक रवि ज्योति कुमार, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रभाकर, डीएम योगेंद्र सिंह , एसपी निलेश कुमार, डीएफओ डॉक्टर के नेशामणि, डीडीसी राकेश कुमार, रेंजर अमृतधारी सिंह, नगर मुख्य पार्षद मुन्नी देवी, टमटम चालक यूनियन के अध्यक्ष श्यामदेव राजवंशी, वार्ड पार्षद श्रवण कुमार, सुवेंद्र राजवंशी, मीरा कुमारी सहित अनेक प्रमुख लोग उपस्थित थे। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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