तेजी से बढ़ रहे बोरिंग, गिर रहा जलस्तर

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में हर साल बड़ी संख्या में निजी बोरिंग कराया जा रहा है।खासकर गर्मी का मौसम आने के समय अधिक किया जाता है।ऐसे कोई भी नागरिक नया घर बनाते हैं तो साथ साथ डीप लेवल बोरिंग भी अवश्य कराते है।घर-घर बोरिंग होने के कारण भूमिगत जल का उपयोग अधिक होता है।इसकी वजह से जलस्तर में दिन पर दिन भारी गिरावट हो रही है इसका सीधा असर शहर पर पड़ रहा है. हर साल गहरे बोरिंग कराये जाने से पहले वाले कम गहरे बोरिंग फेल हो रहे हैं।

यही कारण है कि शहर का अधिकांश हैंडपंप दम तोड़ रहा है।वह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है। लगातार जलस्तर गिरते जाने के कारण सरकार द्वारा राजगीर में बोरिंग करने पर रोक लगाई गई है। इस आशय की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अनेकों बार की गयी है।बदले में सरकार द्वारा राजगीर में वाटर सप्लाई के लिए दो व्यवस्था की गयी है।एक बुद्ध सर्किट योजना के तहत पर्यटन केन्द्र राजगीर में हर वार्ड के हर गली- मोहल्ले में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गयी दशकों से है।

दूसरी व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का महात्वाकांक्षी योजना हर घर नल जल योजना है।बुद्ध सर्किट योजना से जलापूर्ति व्यवस्था नकारा साबित हो रहा है। शहर की आबादी को पानी पिलाने में यह व्यवस्था हाफ रहा है।जिम्मेदार विभाग के पदाधिकारी और कर्मी जिम्मेदारी निभाने में सफल नहीं हो रहे हैं।इसका मूल कारण तकनीकी और कुशल कर्मियों का नहीं होना।इसी कारण नगर परिषद अपने ही नागरिकों को पानी पिलाने में पूरी तरह सफल साबित नहीं हो रहा है।

जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी फरियाद करने के बाद भी कोई हस्तक्षेप नहीं करते हैं।अरबों खर्च करने के बाद भी राजगीर के नगर वासियों को नियमित जलापूर्ति नहीं की जाती है।सुबह- शाम की बात तो दूर कभी कभी एक सप्ताह और पखवाड़े भी जलापूर्ति नहीं होती है।कभी बिजली तो कभी तकनीकी खराबी का हवाला देकर जिम्मेदार लोग पल्ला झाड़ लेते हैं।नगर परिषद् के सभी वार्डों की सभी गलियों और घरों तक पाइप बिछाने का काम भी पूरा नहीं किया जा सका है।राजगीर के नागरिक हर घर नल जल योजना के लाभ से अबतक मरहूम हैं।शहर में सरकारी व्यवस्था नकारा साबित होते देख नागरिक खुद पेयजल के लिए बोरिंग करा रहे हैं।

करोड़ों खर्च के बावजूद शहर वासियों को नियमित रूप से कभी भी जलापूर्ति नहीं होती है।फलस्वरूप राजगीर के नागरिक पीने के पानी के लिए खुद आत्मनिर्भर होना चाहते हैं।यही कारण है कि बड़े पैमाने पर घर-घर में निजी बोरिंग कराई जा रही है।नल जल योजना का राजगीर नगर परिषद क्षेत्र में बुरा हाल है।इस योजना के तहत बनाए गए जल मीनार शोभा की वस्तु अबतक बनी है।जानकार बताते हैं कि भूगर्भ जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है जिसके कारण हर साल दर्जनों बोरिंग शहर में फेल हो रहा है।

सरकार द्वारा बनाया गया सिस्टम अधिकारियों की उपेक्षा से नकारा साबित हो रहा है।शहर में कुल 19 वार्ड इनमें आधे से अधिक वार्ड में नियमित जलापूर्ति नहीं होती है।नागरिक इसके लिए हर प्रयास और हर स्तर के अधिकारियों तक फरियाद पहुंचा रहे हैं।लेकिन परिणाम शून्य से अधिक नहीं निकल पाते हैं।

— अधिकारी बोले

कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, राजगीर शशिभूषण प्रसाद का कहना है की बोरिंग करने के पहले नगर परिषद को सूचना देना अनिवार्य है।सूचना उपरांत बोरिंग स्थल की जांच करने के बाद अनुमति प्रदान की जाएगी।यदि किसी व्यक्ति के द्वारा बोरिंग कराई गई है, तो उसकी जांच कराई जाएगी।सरकारी जमीन पर अथवा सार्वजनिक स्थल पर निजी बोरिंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
,

Leave a Comment