तेज हवा और बारिश से धान की फसल बर्बाद, किसानों में मायूसी

फोटो – बारिश और हवा के कारण धान का गिरा फसल।

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,राजगीर [ बिहार ]
राजगीर;-चित्रा नक्षत्र में हो रही बारिश ने किसानों को औंधे मुंह गिरा दिया है।झमाझम बारिश के साथ बहने वाली हवा धान के पौधों को जमीन पर सुला दिया है. किसानों की मानें तो खेतों में पानी भर गया है।उसकी वजह से अब धान की कटनी संभव नहीं है।खेतों में पानी भर जाने के कारण किसान पानी निकलने का इंतजार पहले से ही कर रहे थे।ऊपर से चित्रा नक्षत्र की वर्षा किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया।किसानों के अनुसार धान की फसल तैयार है।कहीं – कहीं धान की कटनी शुरू भी हो गयी है।

अधिकतर गांवों के खेतों में पानी रहने के कारण तैयार होने के बाद भी धान की कटनी शुरू नहीं हुई है।कहीं-कहीं धान की कटानी हुई भी है, तो वर्षा होने के कारण धान की पात पानी में डूब गए हैं।वैसे धान के सड़ने की संभावना बढ़ गयी है।खेत में जमा पानी निकलने के निकट में आसार नहीं लग रहे हैं।मखदुमपुर के किसान अर्जुन प्रसाद और अनुज प्रसाद ने बताया कि डेढ़ बिघा उनकी धान की कटनी तीन दिन पहले हुई है।जिस दिन कटनी हुई उसी दिन शाम से तेज हवा के साथ वर्षा हो रही है।

खेत में पानी भर गया है।धान की पतौरी पानी में उपला गया है।हवा के साथ वर्षा होने के कारण खेतों में तैयार धान के फसल गिर गए हैं।जिन खेतों में धान की फसल गिर गई है।वह वर्षा के पानी में डूब गयी है. उस धान में खखड़ी होने की संभावना बढ़ गयी है।गोरौर के रामनंदन प्रसाद और नीतीश कुमार, हसनपुर के सुधीर कुमार पटेल, नाहुब के राम नरेश प्रसाद सिंह, महादेवपुर के कृष्णनंदन सिंह, नीमा के अरुण कुमार, मोरा के शैलेन्द्र कुमार प्रभाकर, बेलदार विगहा के धर्मेन्द्र कुमार, चंडी मौ के प्रशांत कुमार एवं अन्य ने बताया कि चित्रा नक्षत्र की वारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

धान की कटनी करने और खरीफ फसल लगाने का समय है।लेकिन इस वारिश ने उस पर विराम लगा दिया है।कई गांवों के किसानों द्वारा काला धान की खेती की गयी है।तेज हवा और वारिश से वह बुरी तरह प्रभावित हुई है।वह भी अन्य धान की तरह गिर गया है।फसल गिरने के कारण धान के दाने पुख्ता होने के बजाय खखड़ी होने की आशंका बढ़ गई है।किसानों की माने तो सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है।किसान पानी को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।बावजूद सफलता नहीं मिल रही है।

ऊपर से चलने वाली हवा ने बड़े पैमाने पर खेतों के धान को जमीन पर सुला दिया है।खेतों में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं रहने के कारण लगातार पानी में गिरे रहने की वजह से धान का पौधा केवल सड़ गल ही नहीं सकता है , बल्कि धान की बाली में पुख्ता अनाज होने की जगह खखड़ी हो सकता है।वैसे धान की फसल राजगीर इलाके में बहुत अच्छी है।लेकिन वारिश ने अच्छी उपज की उम्मीद पर पानी फेर दिया है।किसानों ने बताया कि इस आशय की जानकारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दूरभाष पर दी गई है।किसानों का मानना है कि खेतों में पानी रहने के कारण धान की कटाई समय पर नहीं हो सकेगी।उसके कारण रबी फसल सरसों आदि की खेती प्रभावित हो सकती है।गेहूँ की बोवाई में किसान पिछड़ सकते हैं।

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