दंडाधिकारी और ऑब्जर्वर की देखरेख में हो रही है स्नातक फाइनल परीक्षा

फोटो – परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करते केंद्र अधीक्षक
रिपोर्ट : ब्यूरो राम विलास नालंदा बिहार
नालंदा;-कोरोनाकाल के बाद मगध विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा का आयोजन किया गया है।यह परीक्षा मंगलवार को शुरू हुआ है।मगध विश्वविद्यालय और स्नातक फाइनल ईयर की परीक्षा के इतिहास में पहली बार सब्जेक्टिव नहीं,ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन परीक्षार्थी हल कर रहे हैं।इसके अलावे प्रश्न पत्र हल करने के लिए तीन घंटे की जगह अब दो घंटे का समय ही निर्धारित की गई है।

लिहाजा तीन घंटे की परीक्षा दो घंटे में ली जा रही है।महाबोधि महाविद्यालय नालंदा को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया है।इस वजह से महाविद्यालय परिसर मैं परीक्षार्थियों की चहल-पहल बढ़ गई है।यहां अल्लामा इकबाल कॉलेज बिहारशरीफ, सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज उदंतपुरी बिहारशरीफ और डॉ रामराज सिंह महिला कॉलेज, चंडी के 1934 परीक्षार्थी इस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहे हैं।

कॉलेज के प्राचार्य सह केंद्र अधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि दंडाधिकारी और आब्जर्वर की देखरेख में कदाचार मुक्त परीक्षा संचालित किया जा रहा है।केंद्र अधीक्षक डॉ अरविंद कुमार और परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि कोविड-19 के गाइडलाइन को परीक्षा केंद्र में सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है।बिना मास्क के परीक्षार्थियों का प्रवेश वर्जित किया गया है।

जिन परीक्षार्थियों के पास मास्क नहीं है, उन्हें परीक्षा केंद्र के द्वारा मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है।केंद्र अधीक्षक एवं परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि छोटे बेंच पर एक और बड़े बेंच पर दो परीक्षार्थी बैठाए गए हैं।उन्होंने बताया कि नालंदा जिला के लिए मगध विश्वविद्यालय की यह आखिरी परीक्षा है।केंद्र अधीक्षक ने बताया कि सिलाव के बीसीओ श्रीकांत कुमार दंडाधिकारी और किसान कॉलेज के डॉक्टर सत्येंद्र कुमार इस परीक्षा केंद्र के लिए ऑब्जर्वर बनाए गए हैं।

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