देश के अमन-चैन छिनने वालों को जिंदा रहने का अधिकार नहीं: जमाअतुल उलेमा हिन्द

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: जम्मू-काश्मीर के पुलवामा जिले में स्थित अवंतिपोरा इलाके में आतंकवादी द्वारा सीआरपीएफ जवानों पर किये गए कायराना हमले के खिलाफ जमाअतुल उलेमा हिन्द जमुई ने सख्त मज़म्मत करते हुए कहा कि देश की अमन और चैन व शकुन को छिनने वालों को जीने का अधिकार नहीं है। जवान पर हमला इन्तेहाई नफरत अंगेज़ और बुज़दिलाना हमला है। इसका जवाब सरकार जल्द से जल्द दें और दोषियों को चुन-चुन कर कड़ी से कड़ी सजा दें ताकि आइंदा कोई भी दहशतगर्द इस तरीके की वारदात को अंजाम देना तो दूर इधर वह रुख भी न कर सके। वहीं मुल्क की हिफाज़त करने वाले फौजियों पर हुए आतंकवादी हमले की जमाअतुल हिन्द उलेमा जमुई के सदर अर्ज़ाजुर रहमान, सिक्रेटरी हाफिज मो.गुफरान, उपाध्यक्ष हाफिज मो.मुस्लिम व मौलाना नौशाद मज़ाहरी सहित उलमा हिन्द के सदस्यों ने कड़ी निंदा करते हुए इसे इन्तेहाई बुज़दिलाना हमला करार दिया और कहा कि इस दहशतगर्द की जितनी भी निंदा की जाए वो कम है। ऐसी बुज़दिलाना हमला करने वालों की कोई धर्म,जाती नहीं होती है उसे किसी भी तौर पर मुस्लिम नहीं कहा जा सकता है। ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए जिसने देश को इतना बड़ा सदमा पहुंचाया है। जमाअतुल उलेमा हिन्द ने हमेशा दहशतगर्दी की मुखालफत की है। और हमेशा मुल्क में बड़ी से बड़ी दहशतगर्दी के खिलाफ कॉन्फ्रेंस करके जाँबाज़ सेना की हौसला अफजाई की है। आगे हिंदुस्तानी हुकूमत से जमाअतुल उलेमा हिन्द जमुई मांग करती है कि इस हमले में संलिप्त लोगों की शिनाख्त कर कड़ी से कड़ी सजा नहीं बल्कि उसे भी मौत दी जाए।और शहीद जवानों के परिवार को और जख्मियों को मुआवजा देकर उनका बेहतर बंदोबस्त किया जाए।

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