नालंदा के छात्र जायेंगे त्रिपुरा, राष्ट्रीय संगोष्ठी में लेंगे भाग

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा [ बिहार ]
राजगीर;-एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत बिहार के नव नालन्दा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी, नालंदा और त्रिपुरा के महाराज वीर विक्रम विश्वविद्यालय, अगरतला के बीच शैक्षिक व सांस्कृतिक आदान–प्रदान के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है।यह द्विपक्षीय समझौता इसी वर्ष मई में हुआ है।समझौता के अनुसार नव नालन्दा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों का 10 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को त्रिपुरा जायेगा।छात्रों के दल का नेतृत्व संस्कृत, विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार कर्ण एवं प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ जीतेन्द्र कुमार करेंगे. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो वैद्यनाथ लाभ 27 अक्टूबर की शाम छात्रों के दल को हरी झण्डी दिखा कर त्रिपुरा के लिए रवाना करेंगे।

त्रिपुरा जाने वाले दस छात्रों के दल में महाविहार के कई विभागों के छात्र – छात्राएं एवं शोधार्थियों को शामिल किया गया है।दल में तिब्बती अध्ययन विभाग के शोधार्थी भिक्षु धम्मरतन, दर्शनशास्त्र विभाग के शोधार्थी मनीष कुमार चौधरी, पालि विभाग के शोधार्थी ज्योति कुमारी, हिन्दी विभाग के सुधांशु कुमार, अंग्रेजी विभाग के आनन्द कुमार, प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के राहुल कुमार व मालविका, बौद्ध अध्ययन विभाग की सोनी कुमारी, चीनी एवं जापानी अध्ययन विभाग के सुधीर कुमार श्रीवास्तव, संस्कृत विभाग के अविनाश कुमार, सुलोचना वर्मा और ब्रजेश शामिल हैं।प्रो विजय कुमार कर्ण ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि छात्रों का यह दल 30 – 31 अक्टूबर को त्रिपुरा में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर नालंदा का प्रतिनिधित्व करेगा।त्रिपुरा में होने वाले उस दो दिवसीय समारोह के मुख्य अतिथि नव नालंदा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वैद्यनाथ लाभ होंगे। नालंदा के ही संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार कर्ण समारोह के विशिष्ट अतिथि बनाये गये हैं।उन्होंने बताया कि त्रिपुरा के महाराजा वीर विक्रम विश्वविद्यालय, अगरतला में ‘पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध एवं सनातन धर्म की प्रासंगिकता’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गयी है।

समारोह में त्रिपुरा के अध्यापक व छात्रों के अलावे महाविहार के विद्यार्थियों द्वारा शोधपत्र प्रस्तुत किया जायेगा।महाविहार के छात्रों का दल त्रिपुरा के बौद्धस्थलों का भ्रमण एवं त्रिपुर सुन्दरी शक्ति पीठ का दर्शन भी करेगा।त्रिपुरा की संस्कृति एवं विरासत से छात्र छात्राएं रुबरु होंगे।कार्यक्रम में बिहार की लोक कला, संस्कृति एवं शैक्षणिक इतिहास को छात्रों के द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।जिसमें नृत्य – संगीत, काव्य-पाठ, मैथिली, भोजपुरी व मगही गीत, शास्त्रीय नृत्य आदि प्रस्तुत किये जायेंगे।सनातन तथा बौद्ध धर्म के मध्य समन्वय की शिक्षा देनेवाली एक लघु नाटिका भी महाविहार द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।

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