नालंदा विद्यापीठ के संस्थापक की प्रतिमा का शिलान्यास 15 अगस्त को

रिपोर्ट : ब्यूरो,राम विलास राजगीर।
राजगीर;-नालंदा विद्यापीठ के संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी सत्यपाल धवले की प्रतिमा निर्माण के लिए 15 अगस्त को शिलान्यास कराया जाएगा. गुरु पूर्णिमा को नालंदा विद्यापीठ में बुद्धिजीवियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नालंदा खुला विश्वविद्यालय के उद्घाटन के दिन ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिलान्यास कराने पर सहमति बनी. देश के अन्य विद्यापीठो की तरह नालंदा विद्यापीठ का विकास नहीं होने पर बुद्धिजीवियों ने गहरी चिंता व्यक्त की. वक्ताओं ने कहा कि देश के देवघर विद्यापीठ, काशी विद्यापीठ, गुजरात विद्यापीठ, महाराष्ट्र विद्यापीठ आदि में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां प्रदान की जा रही है, लेकिन नालंदा विद्यापीठ में केवल प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई की जा रही है. बुद्धिजीवियों ने नालंदा विद्यापीठ को गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा देने की मांग की. राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा की उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी बड़ा सपना लेकर नालंदा में नालंदा विद्यापीठ की स्थापना किए थे . लेकिन स्थापना के 87 साल बाद भी इसे मुकाम नहीं मिल सका है. उन्होंने कहा प्रतिमा से प्रेरणा मिलती है. मुखिया एवं प्रकृति अध्यक्ष नवेन्दू झा ने कहा कि रविंद्र नाथ टैगोर की प्रेरणा से सत्यपाल धवले ने नालंदा विद्यापीठ की स्थापना 1933 ईस्वी में की थी. तब से अब तक इस विद्यापीठ को जितना विकास करना चाहिए था उसका आंशिक भी नहीं हो सका है. संस्थापक के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए कम से कम इस विद्यापीठ को सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा प्रदान की जानी चाहिए.

प्रकृति के सचिव राम विलास ने कहा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो सत्यपाल धवले की प्रतिमा तो लगेगी ही नालंदा विद्यापीठ को उत्क्रमित कर सेकेंडरी अथवा सीनियर सेकेंडरी का दर्जा भी मिल सकता है. शिक्षाविद डॉक्टर गोपाल शरण सिंह ने नालंदा विद्यापीठ की सामाजिक और सरकारी उपेक्षा पर चिंता व्यक्त की. नालंदा विद्यापीठ स्थापना के 87 साल बाद भी गुमनाम है. आठ दसक बाद भी यह मात्र प्राथमिक शिक्षा का केन्द्र है. उन्होंने कहा कि नालंदा विद्यापीठ की तस्वीर बदलने के लिए सेनानी धवले की प्रतिमा स्थापित करने के साथ गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा दिलाने के लिए बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा. बैठक की अध्यक्षता नालंदा विद्यापीठ के हेडमास्टर राजेश प्रसाद ने की. इस अवसर पर डॉक्टर सत्येंद्र कुमार, रामाश्रय प्रसाद, प्रदीप कुमार, शिवचरण महतो, विनोद प्रसाद, शिशुपाल शर्मा एवं अन्य ने विचार व्यक्त किया।

Comments are closed.