पावापुरी रोड बनेगा नीम कॉरीडोर पहल शुरू

फोटो – नीम पेड़

रिपोर्ट;-ब्यूरो राम विलास राजगीर।
नालंदा;-दो पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को नीम कॉरीडोर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नालंदा से पावापुरी को जोड़ने वाली सड़क और दीपनगर से नानंद होते गिरियक जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे पौधारोपण कर नीम कॉरीडोर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस आशय का आदेश पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव को दिया गया है। यह कार्रवाई ‘प्रकृति’ के सचिव राम विलास के अनुरोध पर की गई है। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में प्रकृति ने लिखा है कि हरियाली मिशन योजना के तहत नालंदा सहित राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नालंदा में भी बड़े पैमाने पर सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर से पौधारोपण की तैयारी की गई है।पौधारोपण में वन विभाग के कर्मियों के अलावे मुखिया, जीविका की दीदीया समेत अनेकों पर्यावरण योद्धा लगे हुए हैं. बौद्ध सर्किट नालंदा और जैन सर्किट पावापुरी को जोड़ने वाली नालंदा – पावापुरी मुख्य सड़क, दीपनगर (बिहारशरीफ – राजगीर फोरलेन) से नानंद होते हुए गिरियक जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर केवल नीम पौधारोपण करा कर नीम कॉरीडोर बनाने का सुझाव प्रकृति द्वारा दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि नीम पौधारोपण से इन सड़कों का आकर्षण बढ़ेगा. वह स्वास्थ्य के लिए अनुकूल और सैलानियों के लिए नयनाभिराम बनेगा। नीम कॉरिडोर से सैलानियों के अलावे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को शीतलता के साथ स्वास्थ्य वर्धन का लाभ भी मिल सकता है. इस तरह यह नालंदा ही नहीं, बल्कि मगध और बिहार का पहला नीम कॉरिडोर बन सकता है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव और नालंदा जिला अधिकारी को देकर नीम पौधारोपण कराकर नीम कॉरीडोर बनाने के लिए ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। प्रकृति के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और डीएम नालंदा द्वारा त्वरित अनुपालन किया जाएगा तो 2020 में ही नीम कॉरीडोर बनाने का काम शुरू हो सकता है।

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