पिता की विरासत लौटाने के लिए पुत्र चुनाव मैदान में

रिपोर्ट : ब्यूरो, राम विलास, नालंदा, बिहार।
राजगीर;-पर्यटन और तीर्थाटन के लिए मशहूर राजगीर को मगध साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी होने का गौरव हासिल है।आदि अनादि काल से राजनीति, कूटनीति, व्यापार, शासन-प्रशासन एवं अन्य के लिए दुनिया इसका कायल है।अनेकों राजाओं की राजधानी रही राजगीर का अतीत समृद्ध और गौरवशाली रहा है।अतीत की बैसाखी पर भविष्य गढ़ने की कोशिश की जा रही है।यह पहले राजनीति के क्षेत्र में जितना मजबूत था।शायद उतना अब नहीं है।

श्याम सुंदर प्रसाद और रवि ज्योति कुमार को छोड़ अन्य जनप्रतिनिधियों ने कम से कम दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।तीन विधायक श्याम सुंदर प्रसाद, बालदेव पासवान और रवि ज्योति कुमार इस क्षेत्र के अबतक अपराजित जनप्रतिनिधि हैं।भाजपा के सत्यदेव नारायण आर्य आठ बार यहां के विधायक रह चुके हैं।सीपीआई के चंद्रदेव प्रसाद हिमांशु ने सत्यदेव नारायण आर्य की विजय रथ को दो बार रोक कर खुद विधानसभा पहुंचे हैं।पुलिस की नौकरी छोड़ राजनीति में आए रवि ज्योति कुमार ने तो 2015 में सत्यदेव नारायण आर्य का रथ सदा के लिए रोक दिया है।

कई बार प्रयास के बाद भी रामफल आर्य और अजय कुमार पासवान राजगीर से विधानसभा की चौखट तक नहीं पहुंच सके।इस बार रोचक चुनाव होने की उम्मीद की जा रही है।यहां के चुनावी गणित और समीकरण इस बार बदल गए हैं।2015 के चुनाव में जदयू महागठबंधन का हिस्सा था।बदलते समीकरण में इस बार जेडीयू एनडीए का हिस्सा है।लेकिन जदयू के निवर्तमान विधायक रवि ज्योति कुमार महागठबंधन प्रत्याशी हैं।इस कारण एनडीए और महागठबंधन में रोचक मुकाबला होना लगभग तय है।

लोजपा प्रत्याशी मंजू देवी भी अपने को किसी से कम नहीं आंक रही है।राजगीर अबतक 16 जनप्रतिनिधियों को विधानसभा भेज चुका है।1957 में श्याम सुंदर प्रसाद और बलदेव प्रसाद दोनों विधानसभा पहुंचे हैं।1962 में पुनः बालदेव पासवान विधायक चुने गए हैं।इसी प्रकार 1967 और 1969 में यदुनंदन प्रसाद, 1972 और 1990 में चंद्रदेव प्रसाद हिमांशु यहां के विधायक बने हैं।1977, 1980, 1985, 1995, 2000, 2005 (फरवरी) 2005 (अक्टूबर) और 2010 में सत्यदेव नारायण आर्य विधायक चुने गए हैं।

रवि ज्योति कुमार 2015 में सत्यदेव नारायण आर्य का रथ रोक कर खुद विधानसभा पहुंचे हैं।राजगीर का आठ बार प्रतिनिधित्व करने वाले सत्यदेव नारायण आर्य फिलहाल हरियाणा के राज्यपाल हैं. पिता के विरासत को वापस लौटाने के लिए सत्यदेव पुत्र कौशल किशोर (मणिकांत आर्य) बतौर एनडीए प्रत्याशी चुनावी जंग में उतरे हैं।पिछले 15 वर्षों में राजगीर विधानसभा क्षेत्र में अनेकों बड़े काम हुए हैं।राजगीर की गरिमा को पुनर्जीवित करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास जारी है।

ग्रामीण पर्यटन को छोड़ दें, तो सड़क, बिजली, पानी के अलावा पर्यटन एवं अन्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किए गए हैं।प्रस्तावित और निर्माणाधीन योजनाओं के आकार लेने के बाद दुनिया में फिर से राजगीर की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

राजगीर विधानसभा क्षेत्र में इ बा

देश का पहला अत्याधुनिक आयुध निर्माणी नालंदा, राज्य का पहला अंतर्राष्ट्रीय समागम केंद्र राजगीर, राज्य का पहला भूमि विकास बैंक राजगीर, राज्य का पहला इको टूरिस्ट सेंटर (घोड़ाकटोरा) राजगीर,राज्य का पहला ग्रामीण मेडिकल कॉलेज (वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान) पावापुरी, सैनिक स्कूल नालंदा, वेणुवन और पांडू पोखर पार्क राजगीर।
राष्ट्रीय उच्च पथ 20 और 82, राज्य का पहला जू सफारी राजगीर, राज्य का पहला नेचर सफारी राजगीर, पंचाने और सकरी नदी पुल, जल मंदिर पावापुरी, आईटीआई शाहपुर( सिलाव), खाजा क्लस्टर सिलाव, ओवरब्रिज राजगीर, राजकीय डिग्री कॉलेज राजगीर, ग्रामीण जलापूर्ति नलकूप समूह चंडीमौ- पावाडीह, अत्याधुनिक रोपवे राजगीर आदि।

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