पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का निधन


ऋषी तिवारी
नई दिल्ली | देश के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह 88 साल के थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह रक्षा मंत्री थे। बताया जा रहा है कि स्वाइन फ्लू के कारण उनकी जान गई है। 1967 से 2004 तक जॉर्ज फर्नांडिस 9 लोकसभा चुनाव जीते।
पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का लंबी बीमारी के बाद आज निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। दिल्ली में उन्होंने सुबह 7 बजे आखिरी सांस ली। फर्नांडिस अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित थे और हाल ही में उनको स्वाइन फ्लू भी हो गया था। फर्नांडिस के निधन की खबर आते ही देश के राजनितिक गलियारों में शोक कि लहर शुरू हो गई, प्रधानमंत्री मोदी ने फर्नांडिस के निधन पर शोक जताते ट्वीट कर कहा, ‘जॉर्ज साहब ने भारत की बेहतरीन लीडरशिप का प्रतिनिधत्व किया। वह बेबाक और निर्भीक थे। उन्होंने देश के लिए अमूल्य योगदान दिया। वह गरीबों की सबसे मजबूत आवाज थे। उनके निधन से दुखी हूं।’
फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे, वो अल्जाइमर नाम की बीमारी से परेशान थे और उन्हें स्वाइन फ्लू भी था। आखिरी बार वो अगस्त 2009 से जुलाई 2010 के बीच तक राज्यसभा सांसद रहे थे।जॉर्ज फर्नांडिस विपक्ष के पहले नेता थे जिन्होंने भाजपा को मान्यता दी थी। 3 जून 1930 को जन्में जॉर्ज फर्नांडिस 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक देश के रेल मंत्री रहे। 19 मार्च 1998 से 16 मार्च 2001 और 21 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2004 तक उन्होंने देश के रक्षा मंत्री की कमान संभाली। तीन जून 1930 को कर्नाटक में जन्मे जॉर्ज फर्नांडिस 10 भाषाओं के जानकार थे। वह हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भाषा जानते थे। उनकी मां किंग जॉर्ज फिफ्थ की बड़ी प्रशंसक थीं। उन्हीं के नाम पर अपने छह बच्चों में से सबसे बड़े का नाम उन्होंने जॉर्ज रखा था। इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तार हुए जॉर्ज फर्नांडिस तिहाड़ जेल में कैदियों को गीता के श्लोक सुनाते थे। 1974 की रेल हड़ताल के बाद वह कद्दावर नेता के तौर पर उभरे और उन्होंने बेबाकी के साथ इमरजेंसी लगाए जाने का विरोध किया। फर्नांडिस ने अपनी पार्टी समता पार्टी बनाई और बीजेपी का समर्थन किया था ।

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