प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व निकाली गयी कलश शोभायात्रा

फोटो – कलश शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।

अखंड कीर्तन और रामायण पाठ आज से।

शुक्रवार को होगा पवनसुत की प्राण प्रतिष्ठा।

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-नगर परिषद राजगीर के पंडितपुर में नवनिर्मित संकट मोचन हनुमान मंदिर में पवनसुत हनुमान की नवनिर्मित पाषाण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा शुक्रवार को की जाएगी।मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी जोर शोर से की जा रही है।मंदिर के आसपास के गाँवों में भक्ति का माहौल है. हर कोई कुछ न अपना योगदान देने के लिए आगे आ रहा है।इस प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को राजगीर के सुप्रसिद्ध गर्म जल कुंड से जल भरकर 151 श्रद्धालु नारियों एवं कन्याओं द्वारा कलश शोभायात्रा शहर में निकाली गई।

यह शोभायात्रा सप्तधारा कुंड क्षेत्र से चलकर राजगीर नगर भ्रमण करते हुए पंडितपुर संकट मोचन हनुमान मंदिर तक पहुंचा।गाजे बाजे के साथ निकाली गई इस शोभायात्रा में गगन भेदी जयकारे लगाये जा रहे थे।इस शोभायात्रा में दर्जनों ई-रिक्शा भी शामिल किया गया था।बुधवार की शाम पवनसुत हनुमान को गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया।महिलाओं के द्वारा उनकी आरती उतारी गयी।इस नगर भ्रमण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर-नारी, बाल-वृद्ध शामिल हुए। आज गुरुवार से 24 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन मंदिर के पास किया गया है।

इस दौरान मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरे राम हरे कृष्ण के भजन से 24 घंटे गूंजते रहेगा।अवसर पर रामायण पाठ का भी आयोजन किया गया है ।गुरुवार से शुक्रवार तक अखंड रामायण पाठ किया जायेगा।आयोजकों ने बताया कि अनुष्ठान की सभी तैयारियां पुरी कर ली गई है।इस अवसर पर मंदिर और आसपास के क्षेत्र को बड़े ही आकर्षक ढ़ंग से सजाया और संवारा गया है।पंडितपुर के इस नवनिर्मित हनुमान मंदिर में पवनसुत हनुमान की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोंच्चारण से किया जायेगा।

प्राण प्रतिष्ठा कराने के लिए बनारस के ग्यारह पुरोहित राजगीर पहुंच गए हैं।बनारस से आये पुरोहित संत कुमार पांडेय, रवि रौशन पांडेय, आशुतोष पांडेय, भास्कर पांडेय, सुदामा पांडेय, अंजनी पांडेय, चक्रधारी पांडेय, संतोष पांडेय, विजय पांडेय, नागेंद्र नाथ पांडेय, पिंकू पांडेय हैं।इनके अलावे गया और राजगीर तीर्थ के पुरोहित भी इस अनुष्ठान में शामिल होंगे।राजगीर नगर परिषद के वार्ड पार्षद पंकज कुमार, युवा समाजसेवी अभिषेक कुमार गोलू, सहित पंडितपुर एवं आसपास के श्रद्धालु ग्रामीणों द्वारा इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

Comments are closed.