फ्रंटलाइन पत्रकारों को भी कोरोना से निधन पर 50 लाख अनुदान दे सरकार – आईएफडब्लूजे

रिपोर्ट;ब्यूरो राम नरेश ठाकुर [ बिहार ]
पटना;-विश्व प्रेस दिवस के मौके पर, ‘ इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स, बिहार” ने कोरोना संक्रमण के बीच फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम करने वाले पत्रकारों को भी कोरोना संक्रमण से निधन होने पर अन्य सभी फ्रंटलाइन वर्कर की तरह उसके भी आश्रितों को नौकरी और 50 लाख अनुदान देने की मांग की है | इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ( आईएफडब्लूजे ) के बिहार ईकाई के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.ध्रुव कुमार,महासचिव सुधीर मधुकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन कुमार, प्रमोद दत्त, मुकेश महान, राम नरेश ठाकुर, सूरज कुमार पाण्डेय, प्रदीप उपाध्याय, महेश प्रसाद, प्रभाश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह मांग की है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.ध्रुव कुमार और महासचिव सुधीर मधुकर ने संयुक्त रूप से कहा कि इस कोरोना संक्रमण काल में भी पत्रकार अपने और अपने परिवार की जान की परवाह किये बिना अपनी भूमिका का बेहतर निवर्हन करने के साथ-साथ कोरोना संक्रमण के खतरों के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं । इस के आलावा सरकार और आम जनता के बीच की कड़ी बन कर सरकारी योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का भी काम कर रहे हैं | राष्ट्रीय एकता और लोकतंत्र को मजूबत करने के लिए हमेशा कार्यरत रहते हैं | संगठन के नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है कि पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किया गया है।

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