बिचौलिये औऱ आरथिया से परेशान है बिहार और यू पी ;किसान नेता अमर बाबू

रिपोर्ट;ब्यूरो राम नरेश ठाकुर।
पटना;-हमारे किसानों का दर्द गाँव में जा कर सुना जा सकता है ,अब इसे भी विमर्श के केंद्र में लाने की जरुरत है।फिर से हम वही बात कहेंगें की किसान को समुचित फसल की कीमत हासिल नही होती और उपभोक्ता को जरूरत से ज्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं ।यह समय है जब कृषि को हम भी बदलती दुनिया की नजर से देखें ,ताकि किसानों को उसका हक मिल सके और उत्पाद खरीदने वाले का जेब न कटे।जाहिर है बदलाब जरूरी है।बदलाव के दौर में परेशानी भी आएगी ,सतत जागरूक —सरकारों को किसानों के प्रति रहना होगा।

बिहार में किसानों को फसल का आधा कीमत भी नही मिल पा रही है । व्यबहारिक अनुभव बताता है की धान का 900 से 1200 रुपया मिला किसान को औऱ सब धान पंजाब और हरियाणा जाता है ,फिर चाबल बन कर हमारे ही राज्य में जन वितरण प्रणाली (p d s) में लाल कार्ड धारी को बटने के लिए आता है ,यह बहुत बड़ा रैकेट है ,इसे समझना होगा ।

अब सब्जी को ही ले —- गोभी का रेट 2रुपये kg तक बिका ,जब किसान खेत में ही जोतने लगे तो 12 रूपये kg बिक रहा है औऱ बाजार में 25 से 30 ।मटर 20 और बाजार में 40 ।टमाटर 15 से 18 और बाजार में 35 से 40 ।मूली तो 5रु kg में ।उत्तरप्रदेश के किसान भी बिचौलिये औऱ आरथिया से परेशान है ,और बिहार में भी ।खेत ओर उपभोक्ता के यहां तक में दाम का भारी अंतर पर जा रहा है ।

सरकार को इस दिशा में सोच कर ठोस कदम उठाने ही पड़ेंगे। आरतीय औऱ बीचौलीया चाहेंगे की जो व्यबस्था चल रही है वही व्यवस्था चलती रहे ।
ये बहुत ही ताकतवर लोग हैं अतः सुधार की प्रक्रिया में बाधक बनेंगे तो शख्त कदम उठाने से भी सरकार को नही हिचकना चाहिए।

Comments are closed.