बोले डीआईजी मनुमहाराज बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी, खत्म होगा अपराधियों का दहशत

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: अपराध में जिले के अव्वल दर्जों पर सुर्खियों में रहा सदर थाना क्षेत्र के काकन गांव की हालात को देखने अचानक मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी मनुमहाराज पहुँचे। उन्होंने एसपी जगुनाथरेड्डी, एसडीपीओ रामपुकार सिंह व जवानों के साथ पूरे गांव में मार्च का इलाके का जायजा लिए।घंटों गांव में रुक कर अपराधी को जड़ से उखाड़ फेंकने की रणनीति भी बनाई। साथ ही अपराधी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी का निर्देश भी दिए। वहीं डीआईजी मनुमहाराज ने बारी-बारी से सभी पीड़ित परिजन से मिलकर ढाढस बंधाया और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने व अपराध को इस गांव से उखाड़ फेंकने का आश्वासन दिया। डीआईजी मनुमहाराज ने बारीकी गली के चप्पे-चप्पे पर मुस्तैदी के साथ कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। वहीं डीआईजी कुन्दरी संकुरहा गांव पहुंच कर छात्र हत्याकांड के परिजन से मिले और अपराध व अपराधी को खत्म करने की बात कही। हालांकि लगातार हो रहे हत्याकांड से दो वर्ग के बीच जो तनाव बनी थी शायद डीआईजी के पहुंचते ही उस तनाव में कमी देखने को मिल रहा है। इधर मनुमहाराज के दस्तक देते ही अपराधियों के बीच भी शायद हल-चल मची हुई है। इधर एसपी और एसडीपीओ के लगातार छापेमारी से अपराधियों के बीच भी दहशत कायम हो गई है। वर्षों से विवादों के घेरे में रहा नगर थाना का काकन गांव जहाँ दर्जनों हत्याएं व गोलीबारी के बाद ग्रामीण दहशत के बीच ज़िन्दगी व्यतीत करने को विवश हैं। अपराधियों का दहशत इस कदर काकन गांव में छाया हुआ है कि लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। दर्जनों लोग अपराधी के डर से गांव छोड़कर चले गए हैं। वर्षों से कुख्यात अपराधी सुभाष कुमार उर्फ विरप्पन के दहशत में जी रहे ग्रामीणों के बीच एक और अपराधी गंगा सिंह का नाम सामने आ गया है। जिसने हत्या, लूट जैसे कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। दोनो अपराधी एक दूसरे के रंजिश में भोले-भाले इंसान की हत्या कर रहा है। पीछे तीन महीनों में अबतक 04 हत्याएं व गोलीबारी हो चुकी है। बताते चलें कि दोनो अपराधी अपनी वर्चसप को लेकर एक दूसरे की जान लेने पर तुले हुए हैं, कभी दोनो की सामना नहीं होती है लेकिन दो जाती के बीच इस वर्चसप के लड़ाई में बेकसूर की जाने जा रही हैं। बताते चलें कि इस गांव में तकरीबन 20 वर्षों से दो वर्गो के बीच खूनी खेल खेला जा रहा है। इस खेल में अबतक दर्जनों हत्याएं हो चुकी हैं। इस पूरी खेल के बीच सबसे दिलचस्प बात यह है कि अबतक पुलिस को इस मामले में असफलता ही हाथ लगी है। मनुमहाराज के दस्तक देते ही पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जगह-जगह छापेमारी की जा रही। पूरे गांव में जवानों द्वारा मार्च किया जा रहा है। पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही काकन गांव का खूनी खेल मानवता की सारी सीमाएं लांघता जा रहा है। वर्षों से चल रही खूनी खेल अब पड़ोसी गांव कुन्दरी संकुरहा भी पहुंच चुका है। जहाँ दो दिन पहले सरेआम अपराधियों ने गोली मारकर एक छात्र की निर्मम हत्या कर दी थी। इस गांव में अपराध घटने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जाता है कि इस गांव में रोज नए-नए अपराधी पैदा हो रहे हैं। बदले की भावना ने कई युवकों के हाथों में कलम की जगह हथियार पकड़ा दिया है। सुर्खियों में छाया यह काकन गांव अपराधिक मामले में शायद जिले में अव्वल दर्जा प्राप्त कर चुका है। कई बड़े-बड़े आपराधिक कांडों का सरगना खूंखार कुख्यात अपराधी सुभाष कुमार उर्फ वीरप्पन का दहशत इस कदर सदर थाना क्षेत्र के काकन गांव में व्याप्त है कि जिस गली से वीरप्पन गुजरता है उस गली के लोग किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हो जाते हैं। इतना ही नहीं विरप्पन के क्रूर रवैये से गांव के कई लोग घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं। साथ ही कितने ग्रामीण गांव घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। बताते चलें कि विरप्पन के आतंक से रामानंद सिंह गांव से पलायन कर चुके हैं। जिससे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगा गया था। वहीं कुछ महीने पहले ब्रह्मदेव पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसको लेकर विरप्पन केस से नाम उठाने की धमकी देता था और गाली-गलौज करता था। जिस वजह से देवन पंडित भी घर छोड़कर गांव से बाहर चला गया। उसी तरह गांव के नेहाल मियां, अशरफ मियां भी घर मे ताला लगा कर महीनों दिन से गायब हैं। इसी तरह गांव के एक दर्जन लोग विरप्पन के दहशत से गांव छोड़ चुके हैं। जिसपर जिला प्रशाशन की नज़र अभी तक नहीं गयी है। गांव में रह रहे लोग आज भी दहशत के साये में जीने को विवश हैं।

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