भाजपा व आरएसएस पिछड़ों के आरक्षण को समाप्त करने की रची रही साजिश: पूर्व मंत्री डॉ० कांति सिंह

आशुतोष कुमार की रिपोर्ट
रोहतास: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं पर चुनावी रंग चढ़ने लगा है। इसी क्रम में आम चुनाव के मद्देनजर राजद की पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ॰ कांति सिंह ने रविवार की देर शाम काराकाट व नासरीगंज प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत कच्छवा गांव में राजद के वरिष्ठ नेता जनार्दन यादव के आवास पर कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं वरिष्ठ नेता जनार्दन यादव के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांति नहीं तो काराकाट नहीं का नारा बुलंद करते हुए उन्हें काराकाट लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से कर डाली। पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की मिलीभगत से देश में दलितों और पिछड़ों को मिले संवैधानिक आरक्षण को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बिना किसी आयोग के गठन के सवर्णों को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा दिये गये आरक्षण को पूरी तरह असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसी जन विरोधी नीतियों के चलते हजारों उद्योग बंद हुए और देश के लाखों लोग बेरोजगार हो गये। उन्होंने 13 प्वाइंट रोस्टर की आलोचना करते हुए इसे दलित पिछड़ा विरोधी बताया। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सिर्फ झूठे वादों के दम पर सत्ता हासिल करने वाली सरकार आज तक सिर्फ घोषणाएं ही कर रही है और किसान सम्मान के नाम पर वोट हासिल करने के लिए किसानों को पांच सौ रूपये महीने की रिश्वत देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगार है और आम अवाम मंहगाई की मार झेल रही है। इसी के साथ पूर्व मंत्री ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड को बिहार के माथे पर कलंक बताते हुए आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद इस में संलिप्त सफेदपोशों को बचाने की कोशिश की जा रही है। मौके पर प्रो० श्रीनिवास सिंह, वरिष्ठ नेता पप्पू खां, काराकाट प्रखंड अध्यक्ष उमेश सिंह, राशिद अंसारी, सोहन लाल गुप्ता, सोनू ठाकुर, शिवमुनि पासवान, शशि यादव, तुलसी सिंह, बादशाह यादव, छोटे लाल सिंह, मंगरू यादव और राजेश कुमार इत्यादि उपस्थित थे।

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