रसोइया संघ ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के विरोध में किया चक्का जाम

अंजुम आलम की रिपोर्ट
जमुई: राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान बिहार राज्य रसोईया संघ के आह्वान पर सोमवार को शहर स्थित कचहरी चौक को घंटों जाम कर दिया। जाम के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। सड़क जाम कर घंटों बवाल काटा। चक्का जाम के दौरान घंटों सड़क के दोनो तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। आम लोगों को भी जाम का दंश झेलना पड़ा। चक्का जाम के दौरान एक्टू के जिला संयोजक वासुदेव राय ने कहा कि बिहार सरकार तुगलगी फरमान जारी कर रसोइया को डरना चाह रही है। सरकार जुमलेबाजी के साथ अब पूरी तरह धोखेबाजी पर उतर गई है। सरकार अपनी आदत से बाज़ नहीं आ रही है। रसोइया के साथ बेईमानी करने का खामियाजा बहुत जल्द सरकार को भुगतना पड़ेगा। बताते चलें कि 07 जनवरी से लगातार अपने 14 सूत्री मांगों को लेकर रसोइया संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। रसोइया संघ के 14 सूत्री मांगों में सभी रसोईयों का मानदेय 1,250 रुपया से बढ़ाकर 1,850 रुपया किया जाए, साथ ही सभी रसोईयों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए आदि मांग शामिल हैं। इधर मांगों को ठुकराते हुए 29 जनवरी को सरकार ने चिट्ठी जारी करते हुए सभी रसोइया को निकालने की बात कही गयी थी। जिसको लेकर दो दिन पूर्व जिला रसोइया संघ ने शिक्षा विभाग का घेराव करते हुए चिट्ठी वापस लेने की मांग की थी। इससे पूर्व संघ द्वारा आक्रोश मार्च निकलते हुए चिट्ठी को कचहरी चौक पर जलाया गया था।सरकार के तुगलगी फरमान के विरोध में रसोइया की मांगों को अनदेखी करने के विरोध में 04 फरवरी को पूरे बिहार में रसोईया संघ द्वारा चक्का जाम का एलान किया गया था। मौके पर बाबू साहब मो हैदर ब्रह्मदेव ललिता देवी संगीता देवी इंदु देवी रीना देवी मंजु देवी रेखा देवा उर्मिला देवी सावित्री देवी अनिता देवी सहित सैकड़ों रसोईया मौजूद थे।

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