राजगीर की ब्रांडिंग के लिए शुरू हुआ था राजगीर महोत्सव

फोटो – 1.राजगीर की वादियों में विचरण करता बाघ

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा [ बिहार ]
राजगीर;- बदल रहा है. यह यहां के लोग तो कह ही रहे हैं. यहां आने वाले पर्यटक भी बोल रहे हैं. यहां खुबसूरत पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. एक से बढ़कर एक खूबसूरत वादियां हैं. जितने भी पर्यटन स्थल राजगीर में पहले थे और अब हैं. सभी के सभी अनूठा और शानदार हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भी राजगीर सुर्खियों में है. राजगीर के पर्यटन को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार, पर्यटन विभाग और पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं. नेचर सफारी बाद जू सफारी पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी आखिरी चरण में चल रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में यहां के पर्यटन को नया आयाम देने की कोशिश की जा रही है. उसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

यहां के पर्यटन स्थल देश और दुनिया के सैलानियों को केवल आकर्षित ही नहीं कर रहा है, बल्कि यहां ठहरने के लिए विवश कर रहा है. राजगीर के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर निखारने के लिए सरकार द्वारा राजगीर महोत्सव की शुरुआत 1986 में की गयी थी. खजुराहो के तर्ज पर शुरू इस अनूठी पहल काफी लाभदायक साबित हुआ. इसका लाभ भी राजगीर के पर्यटन को मिला. देश – दुनिया के पर्यटक बड़ी संख्या में झुंड के झुंड यहां आने लगे. राजगीर की सोहरत विश्व मानचित्र पर स्थापित होने लगी. 21वीं सदी के 21 वें वर्ष में राजगीर के पर्यटन में भारी परिवर्तन हुआ है. यहां पर्यटकों को देखने के लिए एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं. वह प्रोजेक्ट सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।

राजगीर की पहाड़ी पर पुरातात्विक धरोहर
राजगीर का नेचर सफारी हो या घोड़ाकटोरा झील के पास बना इको पार्क केवल शांति और सुकून ही नहीं, बल्कि रोमांचित भी कर रहा है. रोपवे का मजा तो पहले पर्यटक केवल मुक्ताकाश में लेते थे. अब केविन रोपवे का पर्यटक जमकर आनंद ले रहे हैं. जो पर्यटक, बच्चे और वृद्ध चेयर लिफ्ट का सफर नहीं कर पाते थे. उनके लिए केविन रोपवे वरदान जैसा साबित हो रहा है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शुरू किया गया राजगीर महोत्सव को कोरोना का टोटा लग गया है. पिछले साल कोरोना के कारण इसका आयोजन नहीं हो सका था. इस बार कोरोना फिलहाल यहां असरहीन है. बावजूद राजगीर महोत्सव की तैयारी की चर्चा किसी स्तर पर नहीं हो रही है।

यहां के बुद्धिजीवियों का मानना है कि यहां के अद्भुत, नयनाभिराम, आकर्षक पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग के लिए राजगीर महोत्सव का आयोजन आवश्यक है. महोत्सव के माध्यम से सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पर्यटकीय सुविधाओं को देश – दुनिया में आसानी से पहुंचाया जा सकता है. पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार, पूर्व उप प्रमुख सुधीर कुमार पटेल, मुखिया चमेली देवी, कुमारी सविता, इंदु देवी, वार्ड पार्षद डॉ अनिल कुमार, पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार, पंकज कुमार, अभिषेक कुमार गोलू, सुवेन्द्र राजवंशी एवं अन्य ने कहा कि राजगीर की जरूरत है राजगीर महोत्सव।

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