राजगीर को मिला नगर परिषद का दर्जा, चिर प्रतिक्षित मांगे हुई पूरी

रिपोर्ट : ब्यूरो राम विलास नालंदा बिहार।
नालंदा;-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर के नगर पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिल गया है। शनिवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में मुहर लगा दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नगर परिषद का दर्जा देकर राजगीर वासियों की चिर प्रतिक्षित मांगे पूरी कर दी है। कैबिनेट का मुहर लगने के बाद राजगीर में चारों तरफ खुशियां मनाई जा रही है। बुद्धिजीवी हों या समाजसेवी-वार्ड पार्षद सभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बधाई भी दे रहे हैं। नगर परिषद में नगर पंचायत के 19 वार्डों के अलावे नाहुब, नईपोखर, पिलखी और मेयार पंचायत के कई गांवों को शामिल किया गया है। ज्ञात हो कि राजगीर पहले अधिसूचित क्षेत्र समिति था। प्रथम मुख्यमंत्री डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह के कार्यकाल में 16 जनवरी 1954 ईस्वी को राजगीर अधिसूचित क्षेत्र समिति का गठन किया गया था। 48 साल बाद अधिसूचित क्षेत्र समिति को अपग्रेड कर सरकार ने 2002 में इसे नगर पंचायत का दर्जा प्रदान किया था। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद राजगीर की आबादी में हर साल उत्तरोत्तर विकास होता गया।

नए नए घरों का निर्माण होता गया। बाहर से आकर लोग यहां बसते गए। फलस्वरूप 2011 की जनगणना के समय ही यह नगर परिषद की मानक आबादी को पूरा कर लिया था। उसी समय से राजगीर को नगर परिषद का दर्जा देने की मांग उठने लगी थी। कई बार नगर पंचायत के बोर्ड की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव भी पारित किया गया। राजगीर को नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद यहां के वार्ड पार्षदों में काफी खुशी है। वार्ड पार्षद और राजगीर के बुद्धिजीवी समाजसेवी सभी इस चिर प्रतिक्षित मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त कर रहे हैं। उन्हें बधाई भी दे रहे हैं।

तीसरी बार राजगीर के वार्डों का परिसिमन किया जायेगा। पहली बार अधिसूचित क्षेत्र समिति बनने के बाद इसका परिसीमन निर्धारित किया गया था। दूसरी बार नगर पंचायत बनने के बाद इसका परिसीमन निर्धारित किया गया। वर्तमान समय में राजगीर नगर पंचायत में कुल 19 वार्डों हैं। नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद एक बार फिर राजगीर का परिसीमन होगा और नए वार्डों का गठन किया जाएगा। कौन वार्ड सामान्य रहेगा। कौन वार्ड महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ी जाति के लिए रिजर्व होगा यह परिसीमन बाद ही पता चलेगा।

फिलहाल नए वार्ड इधर से उधर हो जाएंगे। जाति समीकरण भी बदल सकते हैं। चुनाव लड़ने वालों को नए सिरे से वार्डों का चयन करना होगा। जिला पार्षद चंद्रकला कुमारी, वरीय वार्ड पार्षद डॉ अनिल कुमार, श्रवण कुमार, मीरा कुमारी, उर्मिला देवी, मुन्नी देवी, सुबेन्द्र राजवंशी, श्यामदेव राजवंशी, अजय कुमार, निर्मल द्विवेदी एवं अन्य ने नगर परिषद का दर्जा मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त किया है। उन लोगों ने सीएम नीतीश कुमार को बधाई दिया है।

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