राजगीर को मॉडल टाउन बनाने के लिए रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का अभिनव प्रयोग

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।
नालंदा;-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर को मॉडल टाउन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य के तहत सड़कों की सफाई व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन के लिए अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। इस प्रयोग के तहत नगर पंचायत द्वारा रात्रिकालीन सफाई शुरू की गई है। स्वच्छता अभियान में अपनी स्थिति को सुधारने और बेहतर करने के लिए सफाई अमला को नगर के फल – सब्जी सहित व्यावसायिक क्षेत्र के प्रमुख सड़कों की रात्रि में सफाई के लिए उतारा गया है।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम की रात्रि से राजगीर में सड़क की सफाई शुरू की गई है। नगर पंचायत प्रशासन की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गया है। राजगीर नगर की सड़कों की रात – दिन नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। बावजूद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के मानकों के अनुसार नहीं मानी जाती। वरीय वार्ड पार्षद डॉक्टर अनिल कुमार एवं अन्य बुद्धिजीवी नगर पंचायत प्रशासन की इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहते हैं कि रात्रि की सफाई व्यवस्था से सफाई कर्मियों को अबाधित एक रूप से काम करने में सहूलियत होगी, क्योंकि रात्रि में वाहनों का परिचालन और आदमियों का आवागमन नग्न रहता है। दूसरी तरफ सुबह में सड़कों की सफाई होने से उड़ने वाली धूल से दुकानदारों एवं आवाम को निजात मिलेगी।

जानकार बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में सफाई व्यवस्था वैसी नहीं है, जैसा होना चाहिए। यदि यहां की स्वच्छता व्यवस्था का सर्वेक्षण कराई जाए तो मार्किंग में पिछड़ने की ज्यादा संभावना है। सर्वेक्षण के दौरान सफाई के लिए की जाने वाली मार्किंग में पिछड़ने से बचने और नम्बर वन बनने के लिए नगर पंचायत प्रशासन सजग हो गया है। नए नगर कार्यपालक पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद ने यह अभिनव व्यवस्था शुरू कराई है। शहर की नियमित सफाई और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सर्वेक्षण कि किसी भी स्थिति से मुकाबला करने के लिए नयी व्यवस्था को और चाक-चौबंद की जा रही है।

नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र है। यहां देश- दुनिया के लोग आते हैं। उनके अनुकूल यहां की सफाई व्यवस्था अपेक्षित है। उसी मानकों पर खरा उतरने के लिए राजगीर में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुकानदार दुकानों की वेस्ट सामग्री दुकानों के सामने सड़क पर फेंक देते हैं। उस कचरे को मवेशी खाते हैं, जिससे उनकी जान का खतरा बना रहता है। पर्यटकों, यात्रियों, नागरिकों और दुकानदारों को सुबह गंदगी का सामना न करना पड़े, इसलिए राजगीर में रात्रि में ही सफाई करवाने का अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि राजगीर को राज्य का मॉडल टाउन बनाना है। इसमें राजगीर के सभी तबके के लोगों का सहयोग अपेक्षित है। राजगीर के इमेज को सुधारने के लिए और बेहतर कोशिश की जाएगी। नगर की प्रमुख सड़कें और चौक चौराहों को चकाचक रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर की निगरानी में रात्रि में सफाई शुरू कराई गई है। उनका मानना है कि रात्रिकालीन सफाई कार्य से नगर पंचायत क्षेत्र में मच्छर, मक्खियों में भी कमी आ सकती है।

नगर कार्यपालक पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद ने राजगीर को मॉडल टाउन बनाने और सड़कों की बेहतर साफ-सफाई के लिए वार्ड पार्षदों और नगर वासियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर प्रशासन सख्ती से निपटेगी। वैसे लोगों के खिलाफ जरुरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिनके घरों और दुकान के सामने कूड़े कचरे के पाए जाएंगे। उनके खिलाफ नोटिस जारी की जाएगी। कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील नागरिकों से की गई है। उन्होंने कहा है कि कोई भी दुकानदार प्रतिबंधित पॉलीथिन में फल – सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री बेचने का दुस्साहस न करें। वहीं उन्होंने आम नागरिकों से प्रतिबंधित पॉलिथीन मुक्त शहर बनाने में सहयोग की अपील की है।

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