राजगीर बना सूवे का सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला नगर परिषद

फोटो – ब्रह्मकुंड क्षेत्र

रिपोर्ट;राम विलास,नालंदा।
राजगीर;-नगर पंचायत, राजगीर अब नगर परिषद बन गया है. सरकार द्वारा इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है।इसका क्षेत्रफल अब बिहारशरीफ नगर निगम से बड़ा हो गया है।उत्तर में बेलौवा से दक्षिण में वन गंगा तक करीब 13 और पूरव में आयुद्य निर्माणी से पश्चिम में कटारी तक करीब 17 किलोमीटर में यह फैला है।नगर परिषद बनने के पहले इसकी आबादी 57 हजार थी, जो बढ़कर अब 76 हजार हो गई है।नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद राजगीर का भौगोलिक परिदृश्य, परिसीमन और आबादी के साथ वार्डों की संख्या भी बदल गयी है।

नगर परिषद में राजगीर प्रखंड के पिलखी पंचायत को विलय कर दिया गया है।इसके अलावा नाहुब पंचायत के हसनपुर गांव और नई पोखर पंचायत के नईपोखर, उजरपुर, हंसराजपुर, रसलपुर, दरियापुर, रामहरि पिंड और ठाकुर थान को नगर परिषद में शामिल किया गया है।इसी तरह मेयार पंचायत के नीमा, ठेरा और मोरा गांव को परिषद में शामिल किया गया है।

— पिलखी पंचायत का वजूद समाप्त लहुआर फिर बनेगा पंचायत

राजगीर प्रखंड के नौ पंचायतों में से एक का अस्तित्व समाप्त हो गया है।तीन पंचायतों में आंशिक संशोधन हुआ है।एक पंचायत का नाम बदल गया है।इसके साथ ही नगर परिषद और राजगीर प्रखंड के तीन पंचायतों का परिसीमन और वार्डों की संख्या भी बदल गया है।एक पंचायत केवल दो गांव के रह गए हैं।यह हालात राजगीर नगर परिषद के गठन बाद हुआ है। पिलखी पंचायत का राजगीर नगर परिषद में विलय बाद प्रखंड में इस पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो गया है।

नाहुब पंचायत के हसनपुर गांव को नगर परिषद में शामिल कर लिया गया है।आंशिक संशोधन बाद नाहुब पंचायत की आबादी अब केवल 8115 की रह गई है।इस पंचायत में अब नाहुब के अलावे बेलौवा, सीमा और झालर चार गांव रह गए हैं. इसी तरह नई पोखर पंचायत में संशोधन बाद इस पंचायत का नाम बदलकर पहले की तरह लहुआर हो गया है।इस पंचायत की आवादी 4415 की हो गई है. लहुआर पंचायत में लहुआर के अलावे विरचैत और सौरई को मिलाकर नया पंचायत बनाया गया है।मेयार पंचायत में हुए संशोधन बाद मेयार और बढ़ौना केवल दो गांव का यह पंचायत होगा। इसकी कुल आबादी 5698 होगी।

— नजीर होगा राजगीर नगर परिषद

इतना समृद्ध इतिहास और भौगोलिक परिदृश्य वाला शायद यह देश का पहला नगर परिषद है।इसमें विश्व की सबसे पुरानी पंच पहाड़ियों के अलावे मनोरम जंगल, दुनिया का दूसरा और देश का पहला अत्याधुनिक आयुध निर्माणी, नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार पुलिस अकादमी, सीआरपीएफ क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, नेचर सफारी, जू सफारी, इको पार्क, साइक्लोपिनियन वाल, घोड़ाकटोरा झील, रोपवे, विश्व शांति स्तूप, आर आई सी सी, वेणुवन गर्म जल के सुप्रसिद्ध झरनों, पांडू पोखर पार्क, वीरायतन और गुरुद्वारा के अलावे इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, आईटीसीटी और प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय, फिल्म सिटी और हेलीपैड एवं अन्य हैं।

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