राजगीर में नकारा हुआ जलापूर्ति व्यवस्था, पानी के लिए पानी पानी हो रहे लोग 

 

– नगर परिषद के वार्ड सात, आठ और नौ में अबतक नहीं बिछाया गया जलापूर्ति पाइप

— वार्ड एक से चार तक में वर्षों से जलापूर्ति ठप

–निजी बोरिंग से बुझाते हैं प्यास

–शहर में कहीं नहीं है वाटर स्टैंड

फोटो – राजगीर बस स्टैंड का जलमीनार

रिपोर्ट;ब्यूरो राम विलास,नालंदा।

राजगीर;-मौसम के तापमान की तरह अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र राजगीर में पेयजल संकट बढ़ने लगा है।यहाँ की जलापूर्ति योजना लगभग फेल हो चुकी है।शहर के जीपीटी हैंडपंप बेकार पड़े हैं।किसी के हेड तो किसी के हैंडल गायब हैं।प्रायः हैंडपंप पानी उगलने लायक नहीं है।शहर के किसी भी वार्ड में स्टैंड पोस्ट कहीं नहीं दिखता है।एक तरफ तेजी से जल स्तर गिरता जा रहा है, तो दूसरी तरफ करोड़ों की लागत से बनी जलापूर्ति व्यवस्था दम तोड़ रही है।यहाँ जलापूर्ति व्यवस्था नकारा से कम नहीं है।

हर घर नल जल योजना के लाभ से राजगीर नगर परिषद अब भी मरहूम है।यहां 50 हजार की आबादी को पानी पिलाने के लिए महज एक जल मीनार है। नगर परिषद उसी से नागरिकों को पानी पिलाने का दम भरता है।यहां नियमित जलापूर्ति नहीं होना नियति बन गई है।वार्ड संख्या सात, आठ और नौ में जलापूर्ति के लिए अब तक पाइप बिछाने का काम आरंभ नहीं किया गया है।वार्ड संख्या एक से नौ तक में वर्षों से जलापूर्ति ठप है।इसी प्रकार नगर परिषद के हर वार्ड में पानी के लिए हाहाकार मचा है।नगरवासी पानी की किल्लत से पानी पानी हो रहे हैं।

सरकारी व्यवस्था की उम्मीद छोड़ राजगीर के नागरिक निजी बोरिंग कर पेयजल संकट का समाधान ढूंढने में लगे हैं।अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में व्याप्त पेयजल संकट को दूर करने के लिए बुद्धा सर्किट योजना से जलापूर्ति की पहली व्यवस्था है।नारदीगंज के फल्डू नलकूप से राजगीर में नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था की गयी है।पहले नियमित वाटर सप्लाई किया जाता था।लेकिन पहले की व्यवस्था अब छिन्न-भिन्न हो गई है. नगर परिषद द्वारा अब जलापूर्ति की जाती है. लेकिन उनके पास स्किल्ड कर्मियों का घोर अभाव है।न तो समय पर नलकूप का परिचालन होता है और ना ही समय पर जल मीनार से जल की आपूर्ति होती है।

पंडितपुर निवासी उपेंद्र कुमार और वार्ड पार्षद डॉ अनिल कुमार के अनुसार वार्ड संख्या एक, दो, तीन, चार में वर्षों से जलापूर्ति ठप है।अजीत प्रसाद सिंह, परीक्षित नारायण सुरेश, वार्ड पार्षद सावित्री देवी, प्रियरंजन कुमार मोदी एवं अन्य ने बताया कि वार्ड संख्या पांच-छह के नागरिकों को जलापूर्ति से कोई लाभ नहीं है।वार्ड पार्षद सुवेंद्र राजवंशी, अंजली कुमारी, रुक्मिणी देवी चकपर गांव के धनंजय कुमार सिंह उर्फ सोनी सिंह, जामा सिंह बताते हैं कि वार्ड सात, आठ और नौ में अबतक पाइप नहीं बिछाया गया है।वार्ड 17 के पार्षद श्रवण कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में जलापूर्ति व्यवस्था बदहाल है।

यही हाल वार्ड 11 और 12 की है. वार्ड पार्षदों के अनुसार बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी अधिकारी नोटिस नहीं लेते हैं।राजगीर सेवा समिति के सेक्रेटरी सुरेंद्र प्रसाद बताते हैं कि मुख्य सड़क के किनारे के घरों में यदा-कदा जलापूर्ति होती है।लेकिन अंदर के गली मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं होती है।चाहे वार्ड नंबर 16 का मामला हो या 15 का. इसी प्रकार वार्ड संख्या 19 के नागेंद्र सिंह, द्वारिका प्रसाद यादव एवं अन्य बताते हैं कि करीब 10 वर्षों से उनके वार्ड व मुहल्ला में जलापूर्ति नहीं हो रही है।

पुराने पाइप से पानी की सप्लाई बंद है और नए पाइप गली मोहल्ले में नहीं लगाए जा सके हैं।इधर एक सप्ताह से निचली बाजार एवं अन्य जगहों पर गंदा पानी आपूर्ति किया जा रहा है, जो पीने लायक नहीं है।इस ओर नागरिकों द्वारा नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। लेकिन रिजल्ट शून्य से अधिक नहीं निकल पाया है।

नल जल योजना से मरहूम राजगीर

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र राजगीर में हर घर नल जल योजना का क्रियान्वयन बहुत मंथर गति से चल रहा है।इस योजना के तहत राजगीर में दो जल मीनार का निर्माण कराया गया है।लेकिन उससे जलापूर्ति नहीं की जा रही है।ये दोनों जलमीनार केवल शहर की शोभा की वस्तु है।पुराने जल मीनार से 50 हजार आबादी को पानी पिलाने का दम नगर परिषद द्वारा भरा जा रहा है।नल जल योजना से सभी वार्डों में पाइप बिछाने का काम भी पूरा नहीं हो सका है।जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा के कारण राजगीर में पानी की समस्या सालों बनी रहती हैै।

— अधिकारी बोले

नगर परिषद, राजगीर कार्यपालक पदाधिकारी, शशिभूषण प्रसाद, का कहना है की राजगीर में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 23 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे . इनमें से 10 करोड़ रुपये पांडू पोखर पार्क और 13 करोड़ रुपये शहर के लिए स्वीकृत किया गया था. शहर के लिए 10 करोड़ रुपये फिर स्वीकृत हुए हैं. जिन वार्डों और मोहल्लों में अबतक पाइप नहीं बिछाया गया है, वहाँ पाइप बिछाकर जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू की जाएगी.

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