राजद के द्वारा 11 सूत्री मांगो को लेकर समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन

ब्यूरो रमेश शंकर झा समस्तीपुर बिहार
समस्तीपुर:- जिले के समाहरणालय के समक्ष सरकारी बस पड़ाव परिसर में 11 सूत्री मांगो को लेकर राजद के द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। वहीँ राजद ने जल -जीवन-हरियाली योजना के नाम पर गरीबों की झोपड़ी हटाने से पहले उनके पुनर्वास की मांग, भोला टॉकीज गुमटी पर पुल का निर्माण, मुजफ्फरपुर से चलने वाली ट्रैन संख्या -12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस का विस्तार कर इसे समस्तीपुर जंक्शन से चलाने, जितवारपुर हाउसिंग बोर्ड के मैदान में अभियंत्रण महाविद्यालय का निर्माण कराने, जिला मुख्यालय में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना करने, बदहाल कानून व्यवस्था को सुचारु करने सहित 11 सूत्री मांगो को लेकर सरकारी बस पड़ाव परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कर्पूरी आश्रम स्थित जिला राजद कार्यालय समस्तीपुर से हजारो की संख्या में स्थानीय लोग व राजद कार्यकर्ताओ ने बिहार सरकार के खिलाफ गगन भेदी नारो के साथ जुलुस निकालकर समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया। तदुपरांत सरकारी बस पड़ाव में धरना दिया। इसका नेतृत्व व अध्यक्षता स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, विषय प्रवेश व धन्यवाद् ज्ञापन जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने किया। इसका संचालन प्रखंड राजद अध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव उर्फ टुनटुन यादव ने किया। वहीँ जल -जीवन -हरियाली योजना हेतु अतिक्रमण के नाम पर गरीबों की झोपड़ियों को उजाड़ने का विरोध करते हुए राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए सालों से झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे लाखों लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। अतिक्रमण मुक्त अभियान के नाम पर गरीब व कमजोर लोगों को ठंड में घर से बेघर करने का अमानवीय कार्य किया जा रहा है। ऐसे तमाम गरीब बेसहारा लोग हैं जो विगत 50 साल से यहीं रह रहे है या अपनी रोजी रोटी चला रहे है। इनकी पुश्तैनी झोपड़ी भी जमींदोज कर दी गईं। यह सब तब है जब ये सभी नियमित रूप से इन जगहों पर निवास करते रहे। इन लोगों के नाम, मतदान परिचय पत्र, बिजली पानी का बिल तथा अन्य सरकारी देनदारी अदा करने की रसीदें भी हैं। मगर शासन के इशारे पर प्रशासन ने किसी पर तवज्जो नहीं दिया और उजाड़ कर ही दम लिया। यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व निराशाजनक पहलू है। वहीँ सरकार का यह तुगलकी फरमान मानवाधिकारों का उल्लंघन तथा तानाशाही रवैये का परिचायक है। बिहार सरकार का यह कदम गरीब विरोधी व जनविरोधी है। उन्होंने बिहार में कई जगहों पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओ की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही हिटलरशाही व तानाशाही के तहत की गई है जो, सरासर गलत है। बिहार के गरीबो के साथ पूरा समाजवाद खड़ा है और सड़क से सदन तक संघर्ष करके ईट का जवाब पत्थर से देने का काम करेगा। बिहार सरकार के इस जनविरोधी पहल के विरोध में राजद समस्तीपुर जिला मुख्यालय पर धरना देगी। उन्होंने सरकार से झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों का सर्वेक्षण करवा कर उन्हें 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की मांग किया। इस कार्यक्रम के मौके पर राजद जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राय, जिला उपाध्यक्ष मुनेश्वर सिंह, प्रोफेसर राजेंद्र भगत, जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, प्रखंड अध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव, जिला पार्षद रंजन पासवान, युवा राजद के प्रांतीय नेता पप्पू यादव, जिला महसचिव रामकुमार राय, मो० रिज्जू इस्लाम, पिंकी राय, राकेश यादव, बेबी साह, मन्नू पासवान, प्रदीप पासवान, रामविनोद पासवान, मो० युसूफ, मो० अकबर अली, मो०, एहसानुल हक चुन्ने, मो० फैसल आलम मन्नू , कांग्रेस नेता डोमन राय, माले नेता राजू राय, हीरा, जगदीश राय, जितेन्द्र सिंह चंदेल, सुंदेश्वर राय, सुरेश राय, अरविन्द राय, प्रमोद कुमार पप्पू, विधा भूषण यादव, जयलाल राय, नागमणि, विजय कुशवाहा, मुकेश कुमार, मो० वशीर अहमद, मो० आसिफ इकबाल, मो० ताजू, मो० शौकत, रविन्द्र कुमार रवि, मनोज पटेल, ज्योतिष महतो, राजेश राय, गुंजन देवी, अशोक साह, उमा राय, योगेंद्र पंडित, मनोज कुमार राय, सुनील कुमार शोले, जिया खान, रामप्रीत दास, मिथिलेश राय, रामवृक्ष सदा, विश्वनाथ राम, दिनेश राम, जगदीश पासवान, ओमप्रकाश यादव, अब्दुल खालिक, महफूज आलम सोनू, अंकित कुमार इत्यादि ने सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम के अंत में स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन तथा राजद जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राय के नेतृत्व में एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला समाहर्ता को महामहिम राज्यपाल के नाम से 11 सूत्री मांगो का ज्ञापन सौपा।

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