राजनीति करने वालों को संविधान की जानकारी जरूरी : प्रो. वैद्यनाथ

रिपोर्ट : ब्यूरो, रामविलास, राजगीर, नालंदा, बिहार
नालंदा-;नव नालन्दा महाविहार डीम्ड यूनिवर्सिटी नालन्दा में संविधान दिवस राष्ट्रीय उत्सव दिवस के रूप में गुरुवार को मनाया गया।इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्यनाथ लाभ द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई गई।भारतीय संविधान के निर्माण में स्वतंत्रता सेनानी जगत नारायण लाल के विचार एवं योगदान विषयक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।

मगध विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रो. मनीष कुमार सिन्हा संविधान निर्माण में स्वतंत्रता सेनानी जगत नारायण लाल के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति ने की।उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी लाल के संविधान निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला।उनके अलावे बिहार के अन्य स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनकी संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उनमें डॉ राजेंद्र प्रसाद का नाम सर्वोपरि है।कुलपति ने कहा कि संविधान सर्वोच्च विधि है।कई अर्थों में यह विश्व के अन्य संविधानों से भिन्न है।संविधान का मुख्य शक्ति स्नोत ‘हम भारत के लोग’ हैं।हम भारत के लोगों’ ने संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए इस संविधान को अधिनियमित व अंगीकृत किया है।प्रो. लाभ ने कहा कि संविधान की उद्देशिका में सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक न्याय, समता व बंधुता के राष्ट्रीय स्वप्न हैं।

उन्होंने कहा राजनीतिक दलों के तमाम लोग संविधान नहीं जानते।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संविधान दिवस का आयोजन हो रहा है. इसे राष्ट्रीय उत्सव के रूप में व्यापक होना चाहिए।उच्च शिक्षा में संविधान का ज्ञान अनिवार्य करने की भी जरूरत है।संविधान मानने और जानने में ही भारतीय लोकतंत्र का भविष्य निहित है।

कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध भिक्षुओं के मंगलपाठ से किया गया।प्रोफेसर विजय करने मंगलाचरण किया. कार्यक्रम का संचालन प्रो. राणा पुरुषोत्तम कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार डॉ एसपी सिन्हा ने किया।कार्यक्रम में डॉ निहारिका लाभ, डॉ श्रीकांत सिंह, डॉ. हरे कृष्ण तिवारी, डॉ. धम्म ज्योति, डॉ रूबी कुमारी, डॉ. बुद्धदेब भट्टाचार्य, प्रो. सुशिम दुबे, डॉ. दीपंकर लामा, डॉ. विश्वजीत कुमार सहित महाविहार के सभी अध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित हुए।

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